Azamgarh news :साइबर फ्रॉड हुई धनराशि पीड़ित को साइबर हेल्प डेस्क ने कराया वापस
साइबर फ्रॉड हुई धनराशि पीड़ित को साइबर हेल्प डेस्क ने कराया वापस

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
बरदह थाना अंतर्गत दुबरा निवासी शुभेन्द्र कुमार सिंह पुत्र राजेन्द्र प्रसाद सिंह निवासी के मोबाइल नम्बर को हैक कर कॉल फॉरवर्डिंग के माध्यम से उनके क्रेडिट कार्ड से कुल ₹1,42,500/- का साइबर फ्रॉड किया गया था। साइबर अपराधियों द्वारा उक्त धनराशि से Voltas Company के सामान का ऑनलाइन ऑर्डर किया गया था।
घटना की जानकारी होने पर पीड़ित द्वारा तत्काल दिनांक 02.09.2026 को NCRP पोर्टल पर शिकायत संख्या 33109260229544 पंजीकृत करायी गयी। साइबर हेल्प डेस्क टीम थाना बरदह द्वारा शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित कार्यवाही करते हुए संबंधित Voltas Company को ई-मेल के माध्यम से घटना से अवगत कराया गया तथा साइबर अपराधियों द्वारा की गयी ऑनलाइन खरीदारी के ऑर्डर को तत्काल निरस्त कराया गया। इससे साइबर अपराधियों को फ्रॉड की धनराशि से खरीदा गया सामान प्राप्त करने से रोका जा सका।
धनराशि वापस कराने की कार्यवाही-
साइबर हेल्प डेस्क टीम थाना बरदह द्वारा शिकायत पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक/वित्तीय संस्थानों से समन्वय स्थापित किया गया तथा आवश्यक पत्राचार एवं तकनीकी कार्यवाही के फलस्वरूप पीड़ित के खाते में साइबर फ्रॉड की सम्पूर्ण धनराशि ₹1,42,500/- वापस करायी गयी।
साइबर हेल्प डेस्क टीम की तत्परता से न केवल फ्रॉड की गयी धनराशि को सुरक्षित कराया गया, बल्कि साइबर अपराधियों द्वारा धनराशि से की जा रही ऑनलाइन खरीदारी को भी समय रहते निरस्त कराकर उनके मंसूबों को विफल किया गया।
साइबर फ्रॉड करने का सामान्य तरीका-
साइबर अपराधी मोबाइल/सिम से संबंधित जानकारी प्राप्त कर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट करा सकते हैं। इसके बाद आने वाली कॉल/ओटीपी आदि का दुरुपयोग कर बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड अथवा अन्य वित्तीय सेवाओं से अनधिकृत लेनदेन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार या अन्य परिचित बनकर गोपनीय जानकारी प्राप्त कर ठगी करते हैं।
साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय-
1. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट न करें और समय-समय पर इसकी सेटिंग अवश्य जांचें।
2. बैंक, क्रेडिट कार्ड, UPI, ATM या किसी अन्य वित्तीय सेवा का OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या UPI PIN किसी से साझा न करें।
3. किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गये लिंक पर क्लिक न करें और अनजान एप/स्क्रीन-शेयरिंग एप डाउनलोड न करें।
4. कस्टमर केयर नम्बर हमेशा संबंधित कम्पनी/बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या एप से ही प्राप्त करें।
5. सोशल मीडिया/फोन पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर, इनाम, कैशबैक अथवा नौकरी के झांसे में आकर भुगतान न करें।
6. किसी भी अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलते ही तत्काल अपने बैंक/कार्ड जारीकर्ता को सूचित कर कार्ड/खाता सुरक्षित करायें।
7. साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें तथा NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायें। समय पर सूचना देने से धनराशि को होल्ड/वापस कराने की सम्भावना बढ़ जाती है।



