Jabalpur news:मेडिकल अस्पताल पर ऑर्गन ट्रैफिकिंग का आरोप,पत्नी ने पति को एडमिट करवाया और मेडिकल अस्पताल ने बना दिया अज्ञात शव, ऑर्गन ट्रैफिकिंग की आशंका पर पत्नी पहुंची कोर्ट
पत्नी ने पति को एडमिट करवाया और मेडिकल अस्पताल ने बना दिया अज्ञात शव, ऑर्गन ट्रैफिकिंग की आशंका पर पत्नी पहुंची कोर्ट
जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल से जुड़ा एक मामला अब बेहद गंभीर आरोपों के साथ कोर्ट पहुंच गया है।पति की संदिग्ध मौत से परेशान पत्नी ने अस्पताल के रिकॉर्ड, शव की पहचान और अंतिम निपटान पर सवाल उठाए हैं। इतना ही नहीं, परिवाद में अंग या ऊतक निकालने की आशंका की स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच की मांग की गई है।मामला लालमाटी निवासी प्रीति विश्वकर्मा के पति किशोर विश्वकर्मा की मौत से जुड़ा है। परिवाद के मुताबिक प्रीति 12 अगस्त 2025 को पति को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंची थीं। ECG और सोनोग्राफी की प्रक्रिया के बाद शाम करीब 4 बजे उन्हें कैजुअल्टी ले जाया गया। लेकिन करीब 5 बजे जब प्रीति वापस लौटीं तो पति वहां नहीं मिले।
इसके बाद 13 और 14 अगस्त को भी उन्होंने अस्पताल में पति की तलाश की। परिवाद में दावा है कि 14 अगस्त की रात प्रीति ने स्ट्रेचर पर एक व्यक्ति को देखा और उसे अपने पति किशोर के रूप में पहचान लिया।
अब सबसे बड़ा सवाल अस्पताल के रिकॉर्ड को लेकर है। मर्ग में किशोर की मौत 13 अगस्त को होना बताया गया है। रिकॉर्ड में उन्हें कथित तौर पर ‘गोलकुंडा’ से लाया गया अज्ञात व्यक्ति बताया गया है। जबकि पत्नी का दावा है कि वह खुद उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची थीं।परिवाद में CCTV, मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम, विसरा और शव के अंतिम निपटान की जांच की मांग की गई है। अंग या ऊतक निकालने की आशंका को भी वैज्ञानिक जांच का विषय बताया गया है।मामला प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज सविता की कोर्ट में दायर हुआ है। 13 नवंबर को प्रीति के बयान दर्ज होंगे। उनकी ओर से अधिवक्ता विवेक तिवारी पक्ष रख रहे हैं।अब नजर इस बात पर है कि कोर्ट में दर्ज होने वाले बयान और जांच के बाद इस पूरे मामले का सच क्या सामने आता है।
बाइट अधिवक्ता विवेक तिवारी
जबलपुर से वाजीद खान की रिपोर्ट



