Azamgarh News:आजमगढ़ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत लगभग 536 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
आजमगढ़ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत लगभग 536 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ
पॉलिटेक्निक कैंपस में धूमधाम से संपन्न हुआ सामूहिक विवाह समारोह, जिलाधिकारी ने 16 अक्टूबर को फिर आयोजन कराने की दी जानकारी
आजमगढ़ जनपद के पॉलिटेक्निक कैंपस में सोमवार को समाज कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी रविंद्र कुमार तथा विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में बड़ी संख्या में वर-वधू, उनके परिजन और अन्य लोग मौजूद रहे। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
आयोजन के दौरान हिंदू रीति-रिवाज से ब्राह्मणों द्वारा विवाह संपन्न कराया गया, जबकि मुस्लिम समुदाय के दो जोड़ों का निकाह मौलवी द्वारा कराया गया। सभी जोड़ों ने अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। इस अवसर पर नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।
समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 580 जोड़ों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, समारोह में लगभग 536 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। जिसमें दो जोड़े मुस्लिम परिवार के थे उनका मुस्लिम रीति रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। शेष जोड़ों का ब्राह्मणों द्वारा बेदों मंत्रोच्चार से विवाह संपर्क कराया गया। इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 21 हजार रुपये की सामग्री उपलब्ध कराई गई, जबकि वधू के बैंक खाते में 64 हजार रुपये की धनराशि दिए जाने की जानकारी दी गई। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना है, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना पात्र परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा है। मौके पर मौजूद वर-वधुओं से भी बातचीत की गई। नवविवाहित जोड़ों ने योजना की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि इस योजना से उनके विवाह का आयोजन सरल हुआ और परिवारों को आर्थिक सहायता मिली।
जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि समारोह में छूटे हुए पात्र लोगों के लिए 16 अक्टूबर को दोबारा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिससे शेष पात्र लाभार्थियों को भी योजना का लाभ मिल सके।
सामूहिक विवाह समारोह के दौरान मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। पूरे परिसर में हजारों लोगों की भीड़ जुटी रही। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे रहे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।
समारोह के अंत में वर-वधू और उनके परिजनों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में विवाह की रस्मों से लेकर भोजन तक की व्यवस्थाओं के बीच पूरे परिसर में चहल-पहल बनी रही।
हालांकि, कार्यक्रम में भाजपा का कोई पदाधिकारी मंच पर दिखाई नहीं दिया। सामूहिक विवाह समारोह के माध्यम से अलग-अलग परिवारों के जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की और उपस्थित लोगों ने नवदंपतियों को सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।



