मऊ:मदरसा उस्मानिया कादिपुरा में आयोजित जलसा ए दस्तारबन्दी कार्यक्रम हुआ आयोजित
घोसी नगर के कादिपुरा स्थित मदरसा उस्मानिया में आयोजित दस्तारबंदीजलसा में सम्मानित होते तोलबा, अन्य

रिपोर्ट:अशोक श्रीवास्तव
घोसी/मऊ। स्थानीय नगर के काज़ीपुरा मुहल्ला स्थित मदरसा उस्मानिया में मंगलवार की देर शाम जलसा-ए- दस्तारबंदी का आयोजन हुआ।इस दौरान जहां मदरसे के बच्चों ने कई शिक्षाप्रद कार्यक्रम पेश किए वहीं मदरसा से अपनी हिफ़्ज़ की शिक्षा पूरी कर चुके कुल पांच हाफ़िज़-ए-कुरआन क्रमशः बेलाल अरशद, मारूफ़ खान, मुहम्मद अयान, नूर फ़ातिमा, इकरा ख़ातून को पगड़ी बांधी गई। कारी डा० ज़फरुल इस्लाम की सदारत व अलकमा सिद्दीकी की निज़ामत में चले इस जलसे की शुरुआत हाफ़िज़ मुनीर की तिलावते करीमा से हुई। बाद में उलेमाओं ने अपनी तकरीर में लोगों को कुरआन व हदीस की रोशनी में अपनी ज़िंदगी गुज़ारने की सलाह दी।मदरसा उस्मानिया में आयोजित इस जलसे को सम्बोधित करते हुए इस्लामिक विद्वान मौलाना शफ़ीक़ अहमद ने कहा कि क़ुरआन एक मुकम्मल किताब है।हम सबको अपनी ज़िंदगी कैसे जीनी है, ये क़ुरआन ने हमें बताया है।इस्लाम हमें आपसी भाईचारे और मिलजुल कर रहने की शिक्षा देता है।इसलिए हमें हर हाल में आपसी मुहब्बत कायम रखनी चाहिए।क़ुरआन और हदीस की रोशनी में गुज़ारी गई ज़िंदगी ही सबसे बेहतरीन ज़िंदगी है।इससे पहले शायर ख़ैरुल बशर आज़मी ने नात शरीफ़ पेशकर अल्लाह और उसके रसूल की फ़ज़ीलत बयान की।
जलसे को कामयाब बनाने में जहां अलकमा सिद्दीकी, सादिक खान, मुनिरुल इस्लाम, ताबिश इफ़्तेख़ार, अज़ीमुर्रहमान, इरशाद नोमानी, उम्मे ऐमन, यासमीन, उम्मे सलमा, उम्मे हानी, फहीम अहमद, महफ़ूज़ुर्रहमान आदि मदरसे के शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वहीं अब्दुल मन्नान खान, एडवोकेट ए ज़ेड इस्लाम, इफ़्तेख़ार अहमद, मोशफ्फे जमाल उर्फ चन्दू, मसूद आलम, खुर्शीद खान, सलमान घोसवी, तुफैल अहमद, जुल्फेकार अहमद, नेहाल अख़्तर, अरशद हुसैन, तनवीर अहमद आदि गणमान्य नागरिकों ने बच्चों द्वारा पेश किए गए कार्यक्रमों की सराहना की गई।अंत में मदरसा प्रबन्धक काज़ी फैज़ुल्लाह ने अतिथियों सहित सभी आगन्तुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।



