भारत के सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में जून में आया उछाल, 2 वर्ष के उच्चतम स्तर पर नियुक्तियां : एचएसबीसी

India's service sector activity rebounds in June, hiring at 2-year high: HSBC

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नई दिल्ली, 3 जुलाई । भारत में मजबूत मांग और निर्यात ऑर्डर बढ़ने के कारण सर्विस सेक्टर में जून में तेजी देखने को मिली है। एचएसबीसी की ओर से बुधवार को जारी किए गए सर्वे में यह जानकारी दी गई। मजबूत मांग ने सर्विस प्रदाताओं को अधिक स्टाफ की नियुक्तियां करने के लिए मजबूर किया है। इसके कारण नए रोजगार दो वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।जून में एसएंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित किए गए एचएसबीसी सर्विस सेक्टर पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स (पीएमआई) 60.5 पर रहा है, जो कि मई में 60.2 था।एचएसबीसी में चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट, प्रांजुल भंडारी ने कहा कि भारत की सर्विस सेक्टर की वृद्धि दर जून में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए ऑर्डर मिलने के कारण बढ़ी है।भंडारी ने आगे कहा कि सभी सेवा प्रदाता आगे के आउटलुक के आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। हालांकि, इस माह के दौरान आशावाद का स्तर तेजी से कम हुआ है।

 

बता दें, जब भी पीएमआई 50 से ऊपर होता है, यह दिखाता है कि सेक्टर में वृद्धि हो रही है। जब यह 50 से कम होता है। इसका उल्टा होता है।लागत पिछले चार महीनों में सबसे कम गति से बढ़ी है जो दिखाता है कि महंगाई दर कम हो रही है। सर्वे में केवल 5 प्रतिशत कंपनियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों को पास किया है।जून में सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का संयुक्त पीएमआई 60.9 रहा है।यह सर्वे सरकार के आउटलुक का भी समर्थन करता है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 800 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है।भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। चालू वित्त वर्ष में इसके 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

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