डीएम ने आवासीय एवं कृषि भूमि के सर्किल रेट निर्धारण के लिए प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के क्रम में की बैठक। 

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जिला संवाददाता ,विनय मिश्र।

देवरिया, जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आवासीय एवं कृषि भूमि के सर्किल रेट निर्धारण के लिए प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के क्रम में सभी पक्षकारों के साथ बैठक आयोजित की गई। डीएम ने सर्किल रेट में तर्कसंगत वृद्धि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गत चार वर्षों से सर्किल रेट में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं हुई है, जबकि भूमि के बाजार मूल्य में वृद्धि देखी जा रही है। सर्किल रेट में पूर्व में हुए बढ़ोतरी तथा वर्तमान बाजार दर के दृष्टिगत तर्कसंगत वृद्धि की जाए।

बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार राय ने बताया कि सदर तहसील में चार, रुद्रपुर में दस, भाटपाररानी में सात तथा बरहज में दो आपत्तियां प्राप्त हुई। सलेमपुर तहसील से कोई भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। डीएम ने सभी तहसीलों एवं कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता संगठनों को मौजूदा सर्किल दर की एक-एक प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आगामी 23 अगस्त को पुनः बैठक की जाएगी जिसमें सभी आपत्तियों का अंतिम रूप से निस्तारण किया जाएगा।

एआईजी स्टांप पंकज सिंह ने बताया कि जनपद में गत चार वर्ष से सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। गत सर्किल दर का निर्धारण 13 अगस्त 2020 को किया गया था जो वर्तमान में भी प्रचलित है। जबकि शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्टैम्प ड्यूटी से आय का लक्ष्य बढाकर 34700 लाख रुपये रखा गया है। लक्ष्य के अनुरूप गत चार वर्ष में सर्किल दर में वृद्धि न होने के कारण वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल लक्ष्य का 70.74% ही प्राप्त हो सका। इसके अतिरिक्त जनपद में 6 नगर पंचायत हेतिमपुर, तरकुलवा, बैतालपुर, पथरदेवा, मदनपुर एवं भलुअनी का गठन किया गया है। इन नवगठित नगर पंचायतों एवं आसपास के ग्रामों में प्लॉटों के मूल्य में सर्किल रेट से ज्यादा वृद्धि हुई है। देवरिया नगर पालिका की सीमा क्षेत्र का विस्तार किया गया है और 19 ग्राम पूर्ण रूप से सम्मिलित हुए हैं, जिससे इन गांवों के बाजार मूल्य में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनपद के सभी तहसीलों में नगरीय, अर्द्ध नगरीय एवं विकासशील ग्रामों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे आवासीय गतिविधियों में तेजी से विस्तार हो रहा है। जनपद देवरिया के मूल्यांकन सूची में आवासीय दरें वास्तविक दरों से कम है, इसलिए मूल्यांकन सूची में वृद्धि अति आवश्यक है।

बैठक में सब रजिस्ट्रार कृपाशंकर, प्रतिमा सिंह सहित कलेक्ट्रेट एवं सभी तहसीलों के बार पदाधिकारीगण मौजूद थे।

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