गरुण को मोह होने पर भगवान शंकर ने काग, भूसुंडी पास भेजा।

जिला संवाददाता ,विनय मिश्र।
देवरिया,
नगर पालिका परिषद बरहज में चल रहे श्री, विष्णु महायज्ञ बड़े हनुमान मंदिर पर विष्णु महायज्ञ में आजमगढ़ से पधारे हुए मानस व्यास सुरेश मिश्रा ने कहा कि भगवान राम और लक्ष्मण को नाग पास से मुक्त करने पर गरुड़ को संशय हो गया कि यह भगवान है या नहीं इस भ्रम में पडकर गरुड़ भगवान शंकर के पास गए और उन्होंने कहा कि प्रभु अगर राम भगवान है तो नाग पास में कैसे बध गए भगवान शिव समझ गए की गुरु को भ्रम हो गया है। तो भगवान शिव ने कहा की गरुड़ मैं किसी को में उपदेश मार्ग में नहीं देता मैंने अपनी पत्नी सती को मार्ग में ही भगवान की लीला के बारे में बताया था लेकिन सती को भ्रम हो गया परिणाम जो हुआ वह तुम जानते हो । इसलिए तुम्हारे भ्रम को दूर करना मेरे बस की बात नहीं । चले जाओ काग भुसड़ी जी के पास गरुड़ जब नीलगिरी पर्वत पर पहुंचे तो काकभुशुण्डि जी ने बड़ा स्वागत किया और पुछा गरूणजीआप कैसे यहाँ पधारे हैं तो ठीक वही बात गरूण जी ने काकभुशुण्डि जी को बताया जिस पर काकभुशुण्डि जी ने कहा कि, भगवान की कथा कहते हुए मुझे 27 कल्प बीत गया भगवान की लीलाओं का आदि और अंत नहीं है इसलिए गरुड़ मां से या ब्रह्म निकाल देना युवा भगवान नहीं है वह भगवान है या मानकर भगवान का चिंतन करते रहना ।




