मानस में गुरु की महिमा। 

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जिला संवाददाता, विनय मिश्र।

बरहज नगर क्षेत्र में चल रहे श्री विष्णु महायज्ञ में कानपुर से पधारी हुई कथा व्यास नितेश शास्त्री ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि दुनिया में बिना गुरु के ज्ञान के सब कुछ अधूरा है

संसार का कोई भी क्षेत्र , कोई भी विद्या हो, प्रयोगात्मक विज्ञान ही ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है एक दर्शक दीर्घा में बैठ खेल देख कर खिलाड़ी के अंदर उमड़ रहे आनंद का अनुभव नही कर सकता।यह आनंद पाने के लिए उसे खेल का सक्रिय अंग बनना पड़ेगा। एक विज्ञान के विद्यार्थी के लिए कुछेक समीकरणों वा सिद्धांतो का पठन पाठन पर्याप्त नही है। अपितु प्रयोग शाला में जाकर प्रयोगात्मक परीक्षण भी उतना ही आवश्यक है।जब जीवन के प्रत्येक व्यावहारिक क्षेत्र में सफलता का सूत्र अनुभव जन्य प्रयोगात्मक ज्ञान है, फिर अध्यात्म के क्षेत्र में क्यों नही? अध्यात्म तो विज्ञानों का विज्ञान है, सभी विद्द्याओ का उद्गम स्रोत है , आध्यात्मिक , विद्या की पूर्णता भी तभी संभव है जब हम देह रूपी प्रयोगशाला में ,सदगुरु रूपी प्रशिक्षक के मार्ग दर्शन में परमात्मा का प्रत्यक्ष साक्षात्कार कर लेंगे।

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