एनडीटीवी वर्ल्ड समिट : पीएम मोदी ने स्थिरता, स्थायित्व और समाधान को बताया मानवता के भविष्य की जरूरी शर्तें

NDTV World Summit: PM Modi said that stability, stability and resolution are the necessary conditions for the future of humanity

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2024 कार्यक्रम में बताया कि 21वीं सदी मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय है, जिसकी तीन बड़ी जरूरते हैं- ‘स्थिरता’, ‘स्थायित्व’ और ‘समाधान’। ये तीनों मानवता के बेहतर भविष्य के लिए सबसे जरूरी शर्तें हैं। पीएम मोदी ने कहा, “भारत आज यही प्रयास कर रहा है। इसमें भारत की जनता का एकनिष्ठ समर्थन है। छह दशक में पहली बार देश के लोगों ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को अपना जनादेश दिया है। ये स्थिरता का संदेश है। अभी हरियाणा में चुनाव हुए, जिसमें भारत की जनता ने स्थिरता के इस भाव को और मजबूत ही किया है।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “जलवायु परिवर्तन का संकट आज पूरी मानवता का संकट बन चुका है। इसमें भी भारत लीड लेने की कोशिश कर रहा है। ग्लोबल क्लाइमेट चेंज में भारत का योगदान न के बराबर है। फिर भी भारत में हमने ग्रीन ट्रांजिशन को अपनी ग्रोथ का ईंधन बनाया है। आज ‘स्थायित्व’ हमारी डेवलप प्लानिंग के कोर में है। आप हमारी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को देख लें। खेतों में सोलर पंप लगाने की स्कीम को देख लें, या इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम हो, बड़े बड़े पवन ऊर्जा फार्म हो, या एलईडी लाइट्स मूवमेंट हों, सोलर पॉवर हो या बायोगैस प्लांट पर फोकस हो, आप हमारा कोई भी प्रोग्राम देख लीजिए, सभी में ग्रीन भविष्य को लेकर एक मजबूत प्रतिबद्धता ही पाएंगे।” पीएम मोदी ने कहा कि स्थिरता और स्थायित्व के साथ-साथ भारत आज समाधान पर भी फोकस कर रहा है। उन्होंने कहा, “बीते दशक में भारत ने ऐसे कई समाधान पर काम किया है जो ग्लोबल चुनौती से निपटने के लिए जरूरी है। इसके लिए इंटरनेशनल सोलर एलायंस हो, इंडिया मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर हो, ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस हो, आयुर्वेदा हो, मिशन लाइफ हो, मिशन मिलेट्स हो, भारत की तरफ से की गई सभी पहल दुनिया की चुनौतियों के लिए एक समाधान देने वाली हैं।” पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ” मुझे खुशी है कि भारत का बढ़ता सामर्थ्य दुनिया की बेहतरी को सुनिश्च करता है। भारत जितना आगे बढ़ेगा, दुनिया को उतना ही फायदा होगा। हमारा प्रयास होगा भारत की सेंचुरी सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि दुनिया की सेंचुरी बने। एक ऐसी सदी जो सभी की प्रतिभा से आगे बढ़े, जो सभी के इनोवेशन से समृद्ध हो, जहां गरीबी न हो, सभी के पास आगे बढ़ने के अवसर हो। एक ऐसी सदी जिसमें भारत के प्रयासों से दुनिया में स्थिरता आए और विश्व शांति को बढ़ावा मिले।”

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