छोटी पेंट पहनने पर की छात्रों की पिटाई,निजी स्कूल संचालक ने छात्रों को दी भीख मांगने की सलाह, बताया देशद्रोही

Students beaten for wearing short pants,The private school administrator advised the students to beg, calling them traitors

निजी स्कूल संचालक ने छात्रों को दी भीख मांगने की सलाह, बताया देशद्रोही

जबलपुर में निजी स्कूलों की मनमानी और छात्रों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार सामने आती रही है। प्रशासन के द्वारा इन स्कूलों पर की जा रही कार्यवाही के बाद भी ऐसा लग रहा है कि इन्हें किसी का डर नहीं है। तभी यह निजी स्कूल अपनी मनमानी पर उतारू है और छात्र-छात्राओं को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जबलपुर के अधारताल स्थित सीबीएसई सेकेंडरी स्कूल से सामने आया है।

छोटी पेंट पहनने पर की छात्रों की पिटाई

अधारताल स्थित सीबीएसई सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की फीस अभिभावक जैसे तैसे कर भरते हैं, कुछ अभिभावकों की यह स्थिति नहीं होती कि वह बच्चों के लिए हर साल यूनिफॉर्म खरीद सकें इसलिए कुछ बच्चों के यूनिफॉर्म छोटे भी हो जाते हैं लेकिन अधारताल स्थित स्कूल के संचालक को यह बात इतनी ना गवार गुजरी की उसने छोटी पेट होने की बात पर तीन से चार छात्रों के साथ बर्बरता से पिटाई की। इस टी के बाद एक छात्रा बेहोश भी हो गया। परिजनों को मामले की जानकारी लगने के बाद परिजन एनएसयूआई के साथ अधारताल थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

यूनिफॉर्म खरीदने की औकात नहीं तो भीख मांगों

इस निजी स्कूल के संचालक एसके जैन ने जब बच्चों की पैंट छोटी होने की बात पर उन्हें डांटा तो बच्चों ने बताया कि अभी उनके अभिभावक नई ड्रेस लेने की स्थिति में नहीं है जिसके बाद संचालक ने बच्चों से कहा यदि तुम्हारे पेरेंट्स की यूनिफॉर्म खरीदने की औकात नहीं है तो मंदिर के बाहर कटोरा लेकर बैठो और भीख मांगो और इसके बाद छात्रों की पिटाई कर दी। पीड़ित छात्रों के अभिभावकों ने यह भी बताया कि धर्म विशेष के छात्रों को स्कूल में देशद्रोही बताया जाता है। छात्रों के द्वारा अपने साथ घटित हुई इस घटना की जानकारी सुनकर ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा के इस मंदिर में शिक्षा मिल रही है या सिर्फ व्यापार हो रहा है।

एनएसयूआई के हस्तक्षेप से दर्ज हुई शिकायत

इस मामले में जब पीड़ित छात्रों के परिजन अधारताल थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने में आनाकानी की जिसके बाद परिजनों ने एनएसयूआई से संपर्क किया और रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी प्रभारी अचलनाथ चौधरी ने जब अपने कार्यकर्ताओं सहित इस मामले में हस्तक्षेप किया तब पुलिस के द्वारा एफआईआर दर्ज की गई। अधारताल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद मामले मे FIR दर्ज की गई है।

स्थानीय लोगों में भी आक्रोश

इस घटना के बाद पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता सहित कार्यकर्ता भी अधारताल थाने पहुंच गए। वहीं स्थानीय समुदाय में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन का व्यवहार अनुचित है और वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। एनएसयूआई के अचलनाथ चौधरी ने भी स्कूलों में बढ़ते दुर्व्यवहार के मामलों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट

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