समुद्री डकैती रोकने के लिए तैनात ‘सुवर्णा’ पहुंचा तंजानिया

'Suvarna' deployed to stop piracy reached Tanzania

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना समुद्री डाकुओं को लगातार मुंहतोड़ जवाब देती आ रही है। इसी चौकसी के चलते हाल ही में कई देशों के नागरिकों और अंतर्राष्ट्रीय मालवाहक जहाजों को नौसेना के जहाजों ने समुद्री लुटेरों के चंगुल से मुक्त भी कराया है। समुद्री डकैती विरोधी तैनाती के लिए नौसेना का जहाज आईएनएस सुवर्णा अदन की खाड़ी में है। इस दौरान उसने दार एस सलाम का दौरा किया।

अदन की खाड़ी में तैनाती के दौरान आईएनएस सुवर्णा ऑपरेशनल टर्नअराउंड के लिए तंजानिया के दार एस सलाम पहुंचा है। दार एस सलाम तंजानिया का सबसे बड़ा बंदरगाह है। आसपास के कई क्षेत्र इससे नियमित तौर पर जुड़े हुए हैं। इस क्षेत्र में मालवाहक जहाजों की आवाजाही मुख्यतः इसी बंदरगाह से होती है।

भारतीय नौसेना के मुताबिक यहां ‘दार एस सलाम’ में इंडियन नेवी के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर ललित यादव ने तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स (टीडीपीएफ) नौसेना बलों के कमांडर रियर एडमिरल ए.आर. हसन से मुलाकात की है। नौसेना ने सोमवार को बताया कि यहां नौसेना के अधिकारी ने तंजानिया में भारत के उच्चायुक्त बिश्वदीप डे से भी मुलाकात की।

दोनों नौसेनाओं की ऑपरेशन टीमों ने आज पेशेवर बातचीत की। इसमें सीजर, डैमेज कंट्रोल और अग्निशमन अभ्यास तथा संयुक्त प्रशिक्षण शामिल था। भारतीय नौसेना के समुद्री जहाज ने तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स को इन्फैंट्री हथियार और प्रशिक्षण सिम्युलेटर भी सौंपे। आईएनएस सुवर्णा ने तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स के अधिकारियों के लिए आयोजित बातचीत की सह-मेजबानी की।

यहां तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स के संचालन और प्रशिक्षण प्रमुख मेजर जनरल आई.एम. महोना, रियर एडमिरल ए.आर. हसन के साथ मुख्य अतिथि थे। भारतीय समुद्री जहाज ने बाद में तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स नौसेना के साथ क्षेत्र में संयुक्त निगरानी की। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस यात्रा का उद्देश्य भारत सरकार के ‘सागर’ कार्यक्रम के अनुरूप दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक संबंधों को बढ़ाना है।

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