फैक्टरी हादसे में मृत कर्मचारियों को दी गई सलामी,AIL सीएमडी देवाशीष बनर्जी ने दी रणधीर को सलामी,रक्षा मंत्रालय की हाई-लेवल कमेटी करेगी हादसे की जांच
AIL CMD Devashish Banerjee saluted the employees killed in the factory accident, AIL CMD Devashish Banerjee saluted Randhir.

जबलपुर के खमरिया स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में हाल ही में हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस दर्दनाक हादसे में दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है,जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने हादसे की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है,जो दुर्घटना के कारणों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगी। घटना के बाद, एम्युनिशन इंडिया लिमिटेड (AIL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) देवाशीष बनर्जी जबलपुर पहुंचे और फैक्ट्री का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल जाकर घायल कर्मचारियों का हालचाल भी जाना और उनके इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। बनर्जी ने हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि इस त्रासदी के पीछे के कारणों की तह तक पहुंचने के लिए हरसंभव जांच की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे मे एलेक्ज़ेंडर सहित रणधीर की मौत हुई थी। आज जब पार्थिव शरीर को उनके पैतृक शहर भेजा गया तो सीएमडी देवाशीष बनर्जी सहित जवानों और साथी कर्मचारियों ने उन्हें सलामी दी। रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित हाई-लेवल कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द जांच पूरी करे और अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपे। इस कमेटी में वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ और सुरक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो विस्फोट के कारणों का पता लगाएंगे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों की सिफारिश करेंगे। फैक्ट्री में हुए इस धमाके ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानकों की पुनः समीक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है,जिसे अब गंभीरता से लिया जा रहा है। वही फैक्टरी में कर्मचारियों की संख्या के सवाल पर देवाशीष बेनर्जी ने बताया कि ये सही है कि कर्मचारियों की संख्या अभी कुछ कम है पर इसपर जल्द से जल्द कार्रवाई कर शासन के आदेश के अनुसार नई भर्तियां की जाएंगी…इस भीषण विस्फोट में फैक्ट्री के दो कर्मचारियों की जान चली गई। इसके अलावा,कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं,जिनका इलाज जबलपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में भी उसकी गूंज सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी। पुरानी पिचोरा मिसाइल की हो रही थी फिलिंग जानकारी के अनुसार एयरफोर्स के द्वारा यूज़ एयरफोर्स के द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पिचौरा मिसाइल के टॉप हेड में बारूद की फिलिंग के दौरान यह हादसा हुआ। यह मिसाइल रीफर्बिश्ड थी यानी इन्हें दोबारा उपयोग में लाने लायक बनाया जा रहा। इस मामले में कंपनी के सीएमडी ने बताया यह एयरफोर्स का कॉन्ट्रैक्ट था और उसके आधार पर ही यह कार्य किया जा रहा है। यदि सुरक्षा मानको में किसी तरह की गलती हुई है तो वह जांच के बाद सामने आएगा…इस हादसे के बाद ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल है। कई कर्मचारी चिंता जता रहे हैं कि फैक्ट्री में सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए थे। इस संबंध में कर्मचारियों की यूनियन ने भी फैक्ट्री प्रबंधन से सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की मांग की है। फैक्टरी के निगमीकरण होने के बाद कर्मचारियों की कम संख्या और वर्कलोड भी हादसे का कारण बताया जा रहा है। कर्मचारी यूनियन के अनुसार, “यह हादसा हमारी सुरक्षा की अनदेखी का नतीजा है। हम फैक्ट्री प्रबंधन से मांग करते हैं कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।” रक्षा मंत्रालय और एम्युनिशन इंडिया लिमिटेड ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, इस हादसे से सीख लेते हुए सुरक्षा मानकों को और भी सख्त किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा, घायलों के इलाज और पुनर्वास के लिए भी विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री विस्फोट एक गंभीर हादसा है, जिसने न सिर्फ कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रभावित किया है,बल्कि सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी नजरें रक्षा मंत्रालय की हाई-लेवल कमेटी पर हैं,जो इस घटना के पीछे के कारणों की जांच करेगी और इसके आधार पर आवश्यक कदम उठाएगी। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता होनी चाहिए,ताकि इस तरह के हादसे भविष्य में न हो।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



