जबलपुर:पराक्रम फाउंडेशन ने रिटायर्ड मेजर जनरल आरडी बख्शी को किया सम्मानित,बोले वर्तमान स्थिति बहुत ही चुनौती पूर्ण
Jabalpur: Parakram Foundation honored Retired Major General RD Bakshi, said the present situation is very challenging

जबलपुर:पराक्रम फाउंडेशन ने आज रिटायर्ड मेजर जनरल आरडी बख्शी का जबलपुर में सम्मान किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति बहुत ही चुनौती पूर्ण है। 1971 में जो हमने युद्ध किया था वहां पर दक्षिण एशिया की स्थिति का कायापलट कर दिया था। लेकिन आज स्थिति दूसरी है। अमेरिका की सीआईए ने पाकिस्तानकी इसी के साथ मिलकरबांग्लादेश में तख्ता पलट कर दियाआज हालात बांग्लादेश में ऐसे बन गए हैं कि हिंदुओं कोप्रताड़ित कर रहे हैं उनकी हत्या कर रहे हैं महिलाओंके साथ बलात्कार कर रहे हैं उनके मंदिर तोड़ रहे हैं।रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि अब तो बांग्लादेश यहां तक कह रहा है कि हम दिल्ली में आगमन करेंगे। लेकिन अब समय आ गया है किहमारी पीढ़ी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे लेकिन अब आज की युवा पीढ़ी के लिए चुनौती का समय है कि चीन पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ-साथ घर के भेदी जो की मोउसिस्ट ,टेररिस्ट हैं उनसे लड़ने का। जो पाकिस्तान हैं, इसके चार टुकड़े किए जाए। जीडी वैक्सीन कहां की और जो यह बेवकूफ देश जो हेकड़ी दिख रहा हैजो लड़ने की आतुरता दिख रहा है। इसे देखते हुए सिलीगुड़ी के पास का जो बांग्लादेश का क्षेत्र है उसे कैप्चर कर लेना चाहिए। और फिर सारे विस्थापित हिंदुओं को वहां परबस देना चाहिएऔर फिर वहां पर हिंदू देश बनना चाहिए।मेजर जनरल रिटायर्ड जीडी बख्शी ने जबलपुर में मीडिया से बात करते हुए महबूबा मुफ्ती की बेटी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आस्तीन का सांप पूरे देश में अगर कोई जीती जागती मिसाल है तो वह है इल्तिजा मेहबूबा मुफ्ती। उन्होंने कहा कि मेहबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री बनाकर हमने बहुत बड़ी गलती की थी, जिसका खामियाजा हम आज तक भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि ने पूरे देश का बहुत नुकसान किया हैं। वो अपने आप को बहुत बड़ा देशभक्त बताती हैं पर इनसे बड़ा देशद्रोही देश में कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि बहुत ही खुशी की बात है कि कश्मीर के ही लोगों ने इन्हें इनका सही चेहरा और सत्य दिखाए।देश में बढ़ती आतंकवादी गतिविधि घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि पहले हमने आतंकवाद की कमर तोड़ दी थी। इसके बाद लोग निश्चित हो गए। देश की बहुत सारी बॉर्डर से फौजी हटा भी दी गई। उन्होंने कहा कि जब देश की बॉर्डर में गैप खोले जाते हैं तो फिरदुश्मन भी देखा है कि यहां सेअंदर घुसने की जगह है जिसका की आतंकवादों ने फायदा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि अब देश में एक नया विकल्प शुरू हो रहा है किफौज में पैसा बहुत लग रहा है उसे कम करो। सैनिकों को पेंशन देनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि लेकिन सिर्फ फौजी की पेंशन पर ही सरकार को आखिर क्यों तकलीफ हो रही है।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



