लार्डगंज थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराध और पुलिस निष्क्रियता के खिलाफ नागरिकों का विरोध प्रदर्शन
Citizens protest against rising crime and police inaction in Lardganj police station area

जबलपुर। लार्डगंज थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ते अपराध, अवैध नशे के कारोबार और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में आज नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव देवकी पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों नागरिकों ने थाना घेराव कर पुलिस अधीक्षक (एसपी) और नगर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार शिव को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में गांजा, शराब और अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से जारी है, जिससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है और अपराध की घटनाओं में तेजी आई है।
महिलाओं की सुरक्षा पर संकट, अपराधियों के हौसले बुलंद
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं देवकी पटेल ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। आए दिन महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी इन अवैध गतिविधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
प्रमुख मांगें और चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
1. लार्डगंज थाना क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए।
2. महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और उनके विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
3. अपराधियों को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
4. विपक्षी दलों और निर्दोष नागरिकों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए।
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए, तो शहर में व्यापक स्तर पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि पुलिस विभाग अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बहाल हो सके और आम नागरिकों को न्याय मिल सके।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग
इस विरोध प्रदर्शन में विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, मोना कौरव, विवेक अवस्थी, नीलेश जैन, पंकज पांडे, राजेश यादव, रज्जु सराफ, रितेश बंटी, पंकज पटेल, इन्दजीत कुशवाहा, विवेक पटेल, प्रदीप पटेल, रिजवान अली कोटी, सागर शुक्ला, पंकज पटेल, रविंद्र गौतम, भावना निगम, पूनम उसरेटे, देवेन्द्र शर्मा, गुड्डू चौबे, अखिलेश सेठ, राजेश पटेल, रवि सोनकर, सुरेन्द्र यादव, विनय सोधिया, रोशनी, शानू, आरती, रेखा, प्रवेन्द चौहान, रितेश नामतानी, अशोक चौधरी, प्रतीक गौतम, सक्षम यादव और शफी खान सहित सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे और अधिक व्यापक विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस प्रशासन इस बढ़ते अपराध और अवैध गतिविधियों पर क्या कदम उठाता है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



