गुंडई का काला सच: ARS पब्लिक स्कूल के प्रबंधक और उसके गैंग ने डॉक्टर भाइयों को पीट-पीटकर किया लहूलुहान, मुकदमा दर्ज

The dark truth of hooliganism: The manager of ARS Public School and his gang beat the doctor brothers till they were bleeding, case registered

संवाददाता – जितेंद्र यादव
जीयनपुर/आजमगढ़: जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मनकाडीह बाजार में शनिवार को दिनदहाड़े दबंगई का तांडव देखने को मिला, जब गड़े़रुआ गांव के कुख्यात और मनबढ़ लोगों ने मिलकर ज्योति क्लिनिक अजमतगढ़ के डॉक्टर दीपक जायसवाल और उनके भाई सूरज जायसवाल पर बर्बर हमला कर दिया। लाठी, डंडे और हेलमेट से किए गए इस हमले में दोनों भाई खून से लथपथ हो गए और बुरी तरह घायल हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टर दीपक और उनके भाई सूरज किसी निजी काम से अपनी कार से चाँदपट्टी जा रहे थे। जैसे ही वे मनकाडीह चौराहे पर पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार कार आकर उनकी गाड़ी के सामने रुक गई। इस कार में कोई आम आदमी नहीं, बल्कि ARS पब्लिक स्कूल का प्रबंधक और गड़े़रुआ का कुख्यात दबंग उधम सिंह राठौर अपने चार गुर्गों के साथ बैठा था। डॉक्टर ने जब सिर्फ इतना कहा कि “भाई, गाड़ी ठीक से चलाओ,” तो यह बात उधम सिंह और उसके गुर्गों को नागवार गुजरी।
बस फिर क्या था! उधम सिंह और उसके गुंडों ने डॉक्टर दीपक और उनके भाई सूरज पर जानलेवा हमला बोल दिया। लाठी, डंडों और हेलमेट से दोनों भाइयों को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वे वहीं सड़क पर गिर पड़े। चारों तरफ खून ही खून बिखर गया। किसी तरह अपनी जान बचाकर दोनों भाई जीयनपुर कोतवाली पहुंचे और पूरी घटना की तहरीर दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उधम सिंह राठौर और उसके चार साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

कौन है उधम सिंह राठौर?

डॉक्टर दीपक जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उधम सिंह राठौर गड़े़रुआ गांव का एक कुख्यात गुंडा है, जो ARS पब्लिक स्कूल की आड़ में अपनी दबंगई चलाता है। यह आदमी सिर्फ एक फोन कॉल पर 50-100 लड़कों की भीड़ इकट्ठा कर सकता है और जब चाहे, जिसे चाहे बेरहमी से पिटवा सकता है।
डॉक्टर दीपक ने कहा, “मेरी और मेरे भाई की कोई गलती नहीं थी। फिर भी इस आदमी ने अपने गुंडों के साथ मिलकर हम पर हमला किया।

इलाके में दहशत, लोग बोले- ‘जल्द हो सख्त कार्रवाई’

इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग दबी जुबान से कह रहे हैं कि उधम सिंह राठौर इलाके में गुंडागर्दी का पर्याय बन चुका है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस दबंग के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आगे कोई और इसकी गुंडई का शिकार न बने।
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितना सख्त रुख अपनाती है और क्या उधम सिंह राठौर पर कानून का शिकंजा कस पाएगा या फिर वह राजनीतिक संरक्षण की आड़ में फिर से बच निकलेगा?

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