सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान प्रारंभ। 

 

विनय मिश्र ,जिला संवाददाता।

बरहज ,देवरिया। ग्राम पंचायत पौहरिया

शुक्ल में चल रही सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन कथा व्यास आर्चाय पद्माकर मिश्र ने श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण और सुदामा की मित्रता की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण और सुदामा मित्र थे संदीपनी ऋषि के आश्रम में बचपन से रहकर शिक्षा अध्ययन किया था मित्र के साथ चने की चोरी करके सुदामा ने खा लिया था जिससे सुदामा निर्धन और गरीब हो गए निर्धनता में भी सुदामा ने अपने मित्र कृष्ण को नहीं छोड़ा जी सुदामा के पास नत वस्त्र नहीं था, परिवार में ठाकुर जी को भोग लगाने के लिए अन् तक नहीं थे ऐसी स्थिति में सुदामा की पत्नी सुशीला के कहने पर अपने मित्र श्री कृष्ण से मिलने सुदामा द्वारिका पहुंचे मित्र की ऐसी स्थिति देखकर मित्र कृष्ण की आंखों से आंसू निकल पड़े आंसुओं से ही कृष्ण ने सुदामा के पद का प्रक्षालन किया सुदामा द्वारा लाई हुई चावल को भगवान कृष्ण ने दो मुट्ठी खाकर सुदामा को दो लोक दे दिया इसे मित्रता कहते हैं। आगे चर्चा करते हुए उन्होंने ।कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सभी कथाओ में सबसे उत्तम है जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है वो तिर्थस्थल बन जाता है इसको सुनने और आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभू प्रेमियो को प्रभु की प्रेरणा से ही मिलता है ऐसे में कोई दूसरा अन्य भी इस कथा श्रवण कर लेता है तो वह जन्म जन्मान्तर के पापो से मुक्ति हो जाता है इस लिए यह सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करे कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में धर्म अर्थ काम एवं मोक्ष प्राप्त कर लेता है भागवत कथा श्रवण से पापी से पापी जीव का उद्धार हो जाता है और समाज में व्याप्त कुरीतियों से मुक्ति मिल जाती है। कथा आयोजन मारकंडे शुक्ला स परिवार सहित अन्य श्रद्धालु भक्तजन काफी संख्या में उपस्थित रहे ।

Related Articles

Back to top button