आजमगढ़:बहते लहू टपकजते आंसू और या हुसैन की सादाओं के बीच समाप्त हुआ मोहर्रम का पर्व

रिपोर्ट: रोशन लाल

आजमगढ़ किला के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के चीही गांव में बहते हुए लहू टपकते आंसू और या हुसैन की सादाओं के बीच रविवार की शाम समाप्त हुआ मोहर्रम का पर्व इस मौके पर ताजिया दारो ने अपनी अपनी ताजिया को उठाकर नौहा पढ़ते हुए और जंजीर की मातम करते हुए छिही गांव और बाजार की गलियों में घूम घूम कर एक चौक से दूसरे चौक पर जाकर ताजिया मिलन के रश्म अदाएगी किया । नौहाखानी के साथ-साथ जंजीर की मातम भी कर रहे थे बीच-बीच में या हुसैन या हुसैन की सदाए लगा रहे थे। मातम करने वाले जंजीर से मातम करके अपनी जिस को लघु लुहान कर रहे थे। सीने की मातम करने वाले अपने हाथों से अप्ने कलेजे को पीट कर नौहा पदरहे थे और् बीच बीच मे या हुसैन या हुसैन की सदाए लगा रहे थे। इस मौके पर दर्शकों मे जहां महिलाओं की आखों से आशू टपक रहे थे तो वही जंजीर की मातम करने वाले और ब्लेड की मातम करने वाले पुरोसों की आखों से आंसू टपक रहे थे जिसे देखकर लोग हैरत मे थे। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू भाई भी पर्व में अपना योगदान कर रहे थे इस मोहर्रम में शामिल होकर वह भी कदम् से कदम मिलाकर चल रहे थे जरूर तमंद लोग अपनी मन्नते मांग रहे थे तो वहीं जिनकी मन्नतें पूरी हो गई थी वह ताजिया के ऊपर फूल बताशा और अपनी मनपसंद चीज चढ़ाकर ताजिया की पूजा अर्चना कर रहे थे । इस मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से थाना अध्यक्ष बिलरियागंज सुनील कुमार दुबे ने बल के साथ मौके पर मोर्चा संभाला हुआ था रविवार की देर शाम ताजिया दफन होने के बाद पुलिस प्रशासन वहां से अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हो गई । और दूर-दूर से आई हुई तंजीमें अपना-अपना नोहा पढ़कर दूसरे स्थान के लिए रवाना होगई।

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