आजमगढ़ में फर्जी जमानत रैकेट का भंडाफोड़,पुलिस ने 51 आरोपियों को दबोचा
Fake bail racket busted, police arrested 51 accused

आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने 41 फर्जी/पेशेवर जमानतदारों और 10 कुख्यात अपराधियों समेत कुल 51 लोगों को गिरफ्तार किया है।इन सभी पर आरोप है कि ये लोग डकैती, लूट, हत्या, गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामलों में जेल गए आरोपियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बार-बार जमानत दिलवाते थे और न्यायालय को गुमराह करते थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कुछ वकील महज 2000-3000 रुपये लेकर पेशेवर जमानतदारों से सांठगांठ कर जमानत दिलवाते थे। एक ही खतौनी और एक ही व्यक्ति के कागजातों का उपयोग कई आरोपियों की जमानत में किया जा रहा था। इन दस्तावेजों को वकील अपने पास रखते थे और आवश्यकता पड़ने पर दुरुपयोग करते थे।पूछताछ में जमानतदारों ने स्वीकार किया कि वे पैसे के लालच में जमानत लेते थे और जिन आरोपियों की जमानत कराई, उनके नाम-पते तक नहीं जानते थे। एक ही दस्तावेज पर कई-कई जमानतें कराई गईं और शपथ-पत्र में पहले की जमानतें छुपाकर कोर्ट को गुमराह किया गया।इस मामले में पुलिस ने मु.अ.सं. 594/25, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 111 बीएनएस के तहत थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक सुदेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।गिरफ्तार 10 अपराधियों में अधिकांश हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें खलील उर्फ खलीलुर्रहमान (6 मुकदमे), जावेद अख्तर (गैंगस्टर व गोवध एक्ट), शेरू उर्फ ताबिस (गैंगस्टर व गोवध एक्ट), अफरोज (5 चोरी के केस) सहित कई नाम शामिल हैं। ये अपराधी जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से अपराध कर रहे थे।पुलिस ने सभी 51 अभियुक्तों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया, जबकि शेष फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा:“न्यायिक प्रक्रिया की शुचिता से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी जमानत रैकेट में शामिल सभी लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



