Azamgarh News:चीन से स्वर्ण पदक जीतकर लौटे आजमगढ़ के लाल आनंद सिंह का भव्य स्वागत

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

चीन से स्वर्ण पदक जीतकर लौटे आजमगढ़ के लाल आनंद सिंह का भव्य स्वागत

कहा “आपने देश, प्रदेश और जिले का गौरव बढ़ाया”

आजमगढ़ जनपद में चीन में आयोजित एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाले आजमगढ़ के होनहार खिलाड़ी आनंद सिंह के घर लौटने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट न्यायपीठ, बाल कल्याण समिति आजमगढ़ के सदस्य अखिलेश सिंह ने उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच आनंद सिंह की ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

अखिलेश सिंह ने कहा कि आनंद सिंह ने केवल स्वर्ण पदक ही नहीं जीता, बल्कि पूरे भारत, उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ और अपने गांव टहर किशुनदेव का मान-सम्मान विश्व पटल पर बढ़ाया है। उनकी यह सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि आनंद सिंह में प्रतिभा की अपार संभावनाएं हैं। विश्वास है कि वह आने वाले वर्षों में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए अनेक स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

गौरतलब है कि बुढ़नपुर तहसील के टहर किशुनदेव गांव निवासी 22 वर्षीय आनंद सिंह ने चीन के ओरडोस में आयोजित एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 80.57 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और पहली बार उन्होंने 80 मीटर का आंकड़ा पार किया।

इससे पहले आनंद सिंह ने भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 77.68 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। वहीं, वर्ष की शुरुआत में पटियाला में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो प्रतियोगिता में 76.94 मीटर का थ्रो कर दूसरा स्थान हासिल किया था। उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें 9 से 12 जुलाई तक आयोजित एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया था।

आनंद सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे बुढ़नपुर क्षेत्र और आजमगढ़ जिले में उत्साह का माहौल है। परिजनों, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी—”यह तो शुरुआत है, आनंद सिंह अभी देश के लिए और भी कई स्वर्णिम इतिहास रचेंगे।”

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