Azamgarh news :श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को लेकर जिलाधिकारी ने भंवरनाथ मंदिर परिसर का किया स्थलीय निरीक्षण

श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को लेकर जिलाधिकारी ने भंवरनाथ मंदिर परिसर का किया स्थलीय निरीक्षण

कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता—जिलाधिकारी

कांवड़ यात्रा मार्ग को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के साथ ही स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, स्वास्थ्य एवं यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

आगामी 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो रहे श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को जनपद में सकुशल, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के दृष्टिगत जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल एवं पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह के साथ भंवरनाथ मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करने के साथ ही वाह्य रोड पर रूट मार्च कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा एवं सम्मान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा एवं जनसुविधाओं की ऐसी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावटखोरी, ओवररेटिंग एवं अराजकता फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुगण जनपद के प्रमुख 06 घाटों से पवित्र जल लेकर जनपद के छोटे-बड़े लगभग 200 मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी स्थित बाबा काशी विश्वनाथ धाम एवं देवघर स्थित बाबा बैजनाथ धाम में भी जलाभिषेक के लिए जाते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत सभी प्रमुख मार्गों को पूरी तरह सुगम एवं सुरक्षित बनाया जाए। यात्रा मार्ग में जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां समय से मरम्मत कराई जाए। पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक जनसुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा कांवड़ संघों एवं संबंधित प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके। उन्होंने शिविर संचालकों का समयबद्ध सत्यापन कराने तथा सभी संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई एवं अन्य निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रहें। खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट, गंदगी एवं ओवररेटिंग को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करने तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन निर्धारित मानकों एवं शासन के निर्देशों के अनुरूप ही सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भंवरनाथ मंदिर रोड पर दुकानों के सामने बोतलें एवं गंदगी पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी दुकानदार अपनी दुकानों के सामने अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखें और कूड़ा-कचरा उसी में डालें। उन्होंने दुकानदारों को दुकान एवं उसके आसपास के क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए तथा अधिकारियों से स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें। यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक चिकित्सा एवं एंबुलेंस व्यवस्था को सक्रिय रखा जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थापित किए जाने वाले शिविरों एवं अन्य व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तरह अलर्ट रहें।

निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग, उप जिलाधिकारी/तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी, खंड विकास अधिकारी, अन्य संबंधित अधिकारीगण, पुजारीगण एवं ग्राम प्रधान सहित संबंधित लोग उपस्थित रहे।

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