आजमगढ़:घायलों के बीच पहुंचे डीएम-एसएसपी, राखी बंधवाई तो निभाया भाई का फर्ज

पवई बस हादसे के बाद रविंद्र कुमार और डॉ. अनिल कुमार की संवेदनशील पहल की हर ओर सराहना, घायलों के इलाज से लेकर भोजन और घर पहुंचाने तक प्रशासन ने संभाली जिम्मेदारी

आजमगढ़, 28 अगस्त:गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर पवई क्षेत्र में हुए भीषण बस हादसे के बाद आजमगढ़ जिला प्रशासन ने जिस तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ राहत एवं बचाव कार्य को आगे बढ़ाया, उसकी व्यापक सराहना हो रही है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों का हाल जाना तथा उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि करीब 01 बजे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर थाना पवई क्षेत्र के किलोमीटर 191.2 के पास अनियंत्रित पिकअप वाहन के अचानक सामने आने पर रोडवेज बस चालक ने यात्रियों को बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान बस पोल और डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बस में सवार 76 यात्रियों में से 34 यात्री घायल हुए, जबकि बस चालक रजनीकांत और एक 50 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई।हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस-प्रशासन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायलों को दुर्घटनाग्रस्त बस से सुरक्षित बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की सक्रियता से घायलों का उपचार तत्काल शुरू हो सका।

सुबह से दोपहर तक अस्पताल में डटे रहे डीएम-एसएसपी

घायलों के उपचार की स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार स्वयं प्रातः सदर अस्पताल पहुंचे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के साथ अधिकारियों ने एक-एक घायल से बातचीत की और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली।डीएम-एसएसपी ने केवल चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि घायलों और उनके साथ मौजूद परिजनों की जरूरतों को भी गंभीरता से लिया। अस्पताल में भर्ती मरीजों तथा उनके परिजनों एवं अटेंडेंट के लिए नाश्ता और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई।दोपहर में दोनों अधिकारी एक बार फिर अस्पताल पहुंचे और घायलों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने दवाओं, भोजन, उपचार और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में मरीजों से सीधे बातचीत की। चिकित्सकों को निर्देश दिया गया कि किसी भी घायल के उपचार में कोई कमी न रहने पाए और सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

जब घायल बहनों ने बांधी राखी, भावुक हो उठा अस्पताल

रक्षाबंधन के अवसर पर अस्पताल में एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने हादसे के बीच मानवीय संवेदनाओं की गहरी तस्वीर पेश की।इलाजरत करीब 20 घायल महिलाओं और बच्चियों ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की कलाई पर राखी बांधी। सुनीता, सृष्टि, श्रेया, अंकिता कुमारी सहित महज चार वर्ष की एलकेजी छात्रा साक्षी ने अधिकारियों को राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह का भाव प्रकट किया।इस भावुक क्षण में डीएम और एसएसपी ने भी इन बहनों को उपहार भेंट कर भाई का फर्ज निभाया। दोनों अधिकारियों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन संकट की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ा है।यह दृश्य इस बात का उदाहरण बना कि प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल सरकारी दायित्व निभाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरत के समय संवेदना और अपनत्व के साथ लोगों के बीच खड़े होना भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डीएम-एसएसपी की सक्रिय निगरानी से 13 मरीज सुरक्षित घर पहुंचे

जिला प्रशासन की सक्रिय निगरानी और चिकित्सकों की मेहनत से अस्पताल में भर्ती 13 घायल मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हुए। अपराह्न एक बजे तक स्वस्थ हुए इन मरीजों को प्रशासन की ओर से सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।शेष घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है और चिकित्सकों द्वारा उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

बस चालक रजनीकांत के साहस को नमन

हादसे में रोडवेज बस चालक रजनीकांत ने यात्रियों की जान बचाने का प्रयास करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। अधिकारियों ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की। हादसे में एक 50 वर्षीय महिला की भी मृत्यु हुई है।जिलाधिकारी के निर्देशन में परिवहन निगम द्वारा दोनों मृतकों के परिजनों को अलग-अलग 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही सभी घायल यात्रियों को भी नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया जारी है।

प्रशासन की संवेदनशीलता बनी मिसाल

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि दुर्घटना में घायल प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राहत, उपचार, भोजन, आर्थिक सहायता और स्वस्थ होने के बाद मरीजों को सुरक्षित घर पहुंचाने तक प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।वहीं, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की सक्रिय निगरानी में पुलिस टीम ने राहत एवं बचाव कार्य से लेकर अस्पताल में सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं तक लगातार सहयोग प्रदान किया।पवई बस हादसे के बाद डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार का घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक लगातार सक्रिय रहना, घायलों से सीधे संवाद करना, उनकी जरूरतों को समझना और रक्षाबंधन के अवसर पर घायल बहनों से राखी बंधवाकर उन्हें परिवार जैसा अपनत्व देना प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आया है।संकट की घड़ी में दोनों अधिकारियों की तत्परता, मानवीय दृष्टिकोण और जिम्मेदारी के साथ खड़े रहने की पहल ने यह संदेश दिया है कि जिला प्रशासन केवल व्यवस्था का प्रहरी ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के सुख-दुख में सहभागी भी है।

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