Azamgarh News:सरकारी पोखरी से लेकर पेड़ों के विवाद तक, शिकायतों के घेरे में पुलिस-राजस्व तंत्र
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
सरकारी पोखरी से लेकर पेड़ों के विवाद तक, शिकायतों के घेरे में पुलिस-राजस्व तंत्र
जीयनपुर क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में दबंगई और अवैध कब्जे के आरोप, चौकी इंचार्ज अमित तिवारी तथा सिपाही अजीत चौहान पर विपक्षियों से मिलीभगत व पैसे के लेन-देन के गंभीर आरोप
आजमगढ जनपद के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में जमीन, पेड़ और सरकारी पोखरी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामले में मकान की दीवार में पेड़ों की जड़ों और शाखाओं से दरार पड़ने तथा पेड़ हटाने की मांग करने पर धमकी दिए जाने का आरोप है, जबकि दूसरे मामले में सरकारी पोखरी की भूमि पाटकर मकान निर्माण कराने का आरोप लगाया गया है। दोनों मामलों में पीड़ितों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई है।
कंजरा दिलशादपुर गांव निवासी महेन्द्र कुमार पुत्र स्व. शिवशंकर ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उसके मकान के सामने विजय कुमार के नीम और आम के पेड़ लगे हैं। पेड़ों की जड़ों और बढ़ती शाखाओं के कारण मकान की दीवार में दरारें पड़ गई हैं तथा परिवार के आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
महेन्द्र कुमार का आरोप है कि उसने कई बार पेड़ों को हटाने अथवा नियमानुसार कटवाने के लिए विपक्षियों से अनुरोध किया, लेकिन उसकी समस्या का समाधान करने के बजाय उसे कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि धमकियों के बाद उसका परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर है और किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायतकर्ता ने संबंधित चौकी इंचार्ज अमित तिवारी तथा सिपाही अजीत चौहान पर विपक्षियों से कथित मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि विपक्षियों और पुलिसकर्मियों के बीच कथित नजदीकी के कारण उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
शिकायत में पुलिसकर्मियों द्वारा विपक्षियों के पक्ष में कार्रवाई करने तथा पैसे के कथित लेन-देन के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इसी क्षेत्र से जुड़े दूसरे मामले में तहसील सगड़ी के मौजा नेतापट्टी में सरकारी पोखरी पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। एक ग्रामीण ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गाटा संख्या 193 में दर्ज पोखरी की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच और पैमाइश कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विजय कुमार पुत्र स्व. रामनाथ ने कथित रूप से सरकारी पोखरी को पाटकर उस पर मकान का निर्माण करा लिया है। आरोप है कि इस संबंध में तहसील स्तर पर पूर्व में शिकायत किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
- शिकायतकर्ता ने संबंधित लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि विपक्षी से कथित मिलीभगत के कारण सरकारी भूमि पर हुए कब्जे के मामले में कार्रवाई नहीं हो रही है। उसने लेखपाल की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच
कराने की मांग की है।
दोनों शिकायतों में विजय कुमार का नाम सामने आने के कारण शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। एक ओर जहां एक परिवार मकान की दीवार को पेड़ों से हो रहे कथित नुकसान और धमकी को लेकर परेशान होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी पोखरी पर कथित कब्जे का मामला प्रशासन के सामने पहुंचा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि सरकारी पोखरी पर कब्जा हुआ है तो राजस्व अभिलेखों की जांच कराकर तत्काल अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। वहीं पेड़ों को लेकर हुए विवाद में भी मौके की जांच कराकर यह निर्धारित किया जाना चाहिए कि पेड़ों से मकान को वास्तव में नुकसान हो रहा है या नहीं और यदि धमकी दिए जाने का आरोप सही है तो संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई हो।
दोनों मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं ने विशेष रूप से पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मिलीभगत और कथित पैसे के लेन-देन के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
अब महत्वपूर्ण यह होगा कि प्रशासन इन शिकायतों को किस गंभीरता से लेता है और क्या दोनों मामलों में मौके पर जांच, राजस्व अभिलेखों की पड़ताल तथा पुलिसकर्मियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराई जाती है।
कराने की मांग की है।


