Azamgarh News:बारिश में जलभराव से ग्रामीण परेशान, अतिक्रमण हटाकर बहाल होगी जलनिकासी*

*बारिश में जलभराव से ग्रामीण परेशान, अतिक्रमण हटाकर बहाल होगी जलनिकासी*

एसडीएम न्यायिक ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा, राजस्व टीम से बाहों की पैमाइश कराकर कब्जा हटाने का दिया आश्वासन

ठेकमा (आजमगढ़)। ठेकमा ब्लॉक क्षेत्र के बरदह गांव में बारिश के बाद जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। जलनिकासी के लिए बनी बाहों और नालों पर अतिक्रमण होने से पानी का बहाव बाधित है। गांव के कई हिस्सों के साथ किसानों के खेतों में भी पानी भर गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर गुरुवार को एसडीएम मार्टिनगंज बलराम गुप्ता के निर्देश पर एसडीएम न्यायिक विजय कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में जलनिकासी के लिए बनी बाहों और रास्तों पर कई जगह मिट्टी डालकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर अतिक्रमण कर निर्माण भी कर लिया गया है। इससे बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है और गांव के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते बाहों को कब्जामुक्त नहीं कराया गया तो भारी बारिश की स्थिति में समस्या और गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों ने बताया कि 7 सितंबर को बरदह गांव के राजभूवन अकरम, पप्पू, कमलेश, मनोज, नीतीश, अरशद अहमद, अंकित, दीपचंद, रामजी, सलीम समेत बड़ी संख्या में लोगों ने मार्टिनगंज तहसील पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम बलराम गुप्ता ने एसडीएम न्यायिक विजय कुमार श्रीवास्तव को मौके पर भेजकर जांच के निर्देश दिए।

मौके पर पहुंचे एसडीएम न्यायिक ने ग्रामीणों से जानकारी ली और जलनिकासी की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गांव की सभी संबंधित बाहों की पैमाइश कराकर उन्हें कब्जामुक्त कराया जाएगा। जहां अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव बाधित है, वहां नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी बाहा खुलवाया जाएगा और जलनिकासी की व्यवस्था बहाल कराई जाएगी।

गोपीगंज में भी जलनिकासी का संकट

गोपीगंज क्षेत्र में बरदह थाने के पीछे स्थित हरिजन बस्ती के लोगों ने भी जलनिकासी की समस्या की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के दिनों में बस्ती में पानी भरने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर सभी बाहों और नालों का चिन्हांकन कर उनकी पैमाइश कराई जाए तथा अतिक्रमण हटाकर सफाई और गहरीकरण कराया जाए। ग्रामीणों ने बाहों की पैमाइश आधुनिक रोवर मशीन से कराने की भी मांग की है, ताकि जलनिकासी के वास्तविक रास्तों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जा सके।बरदह चौराहे के पास भी बाहा अतिक्रमण की चपेट में

बरदह चौराहे के पास जलनिकासी के लिए बनी एक बाहा भी अतिक्रमण की चपेट में बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी के पुराने और प्राकृतिक रास्तों को कब्जामुक्त कर उनकी सफाई एवं खुदाई कराई जाए, जिससे बारिश का पानी आसानी से निकल सके।

एसडीएम न्यायिक के निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस भी तैनात रही। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जलनिकासी की समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जताई। एसडीएम बलराम गुप्ता मार्टिनगंज ने बताया कि मौके पर निरीक्षण करके एसडीएम न्यायिक आए हैं कल नापी जोखी करवा कर बाहा को खुलवाया जाएगा।

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