Azamgarh news :हिंदी सबके अंतर्मन की भाषा है : रवींद्र कुमार
हिंदी सबके अंतर्मन की भाषा है : रवींद्र कुमार

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर साहित्यानुरागी का
व्याख्यान, प्रतियोगिता सम्पन्न
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
“साहित्यानुरागी” संस्था ने रविवार को जनपद के हिन्दी जगत में नया प्रतिमान गढ़ दिया। स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए हिन्दी कविताओं की अंत्याक्षरी करायी वहीं बोलियों पर आधारित कविता गीत प्रतियोगिता का अभिनव आयोजन कराया। इस अवसर पर विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण करने आये मुख्य अतिथि जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि हिंदी अंर्तमन को अभिव्यक्त करने की भाषा है। कोई भी आप अपनी दिल की बात को कहना होता है तो या हम उप भाषा में व्यक्त करते हैं या फिर अपनी मातृभाषा में कहते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी को देश विदेश में बोलने में तनिक शर्म न महसूस करें। विश्व मे प्रायः हर देश अपनी मातृ भाषा को सम्माजनक स्थान देते हुए अपनी पहचान को प्रदर्शित करते हैं।
जनपद की अग्रणी साहित्यिक संस्था “साहित्यानुरागी” ने यह कार्यक्रम हरिऔध कला भवन में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित किया था। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में साहित्यकार लेखक शेषनारायण त्रिपाठी ने भाषा विभाषा और बोली में अंतर विषय पर बोलते हुए कहा कि छह विभाषाएं हिंदी को कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रही हैं। ये सभी मुख्य भाषा बनने की सम्भावना हैं। भाषा का क्षेत्र देश और प्रान्त तक होता है जबकि विभाषाये जनपदीय अथवा उप प्रांतीय होती हैं। एक भाषा के अंतर्गत कई विभाषाये होती है सबका अपना अपना उत्कृष्ट स्थान है। विभाषाओं का अपना महत्व है कई महत्वपूर्ण रचनाएं विभाषाओं में लिखी गई हैं।
द्वितीय सत्र के कमलेश कमल ने कहा कि हिंदी के प्रचलित शब्दों की उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए उसके प्रयोग को रेखांकित किया। श्री कमल ने हिन्दी के शब्दों को समाज मे प्रचलन की महत्ता बताया।
आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए साहित्यानुरागी की अध्यक्ष डॉ मनीषा मिश्रा ने संस्था के स्थापना से लेकर अब तक के कार्यों को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के उन्नयन के लिए संस्था प्राथमिक स्तर से प्रयास कर रही है। विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चो के बीच यह केवल एक विषय नही बल्कि इसे एक अस्मिता के रूप में स्थापित करने के लिए संस्था प्रयत्नशील है।
कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। सभी अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर अपने शुभारंभ भाव को प्रदर्शित किया।
सरोज यादव विदुषी अस्थाना प्रियंका श्रीवास्तव अनूप सिंह प्रति गिरी कंचन मौर्य अरुण मौर्य ममता राय प्रीति वर्मा रुक्मणि कुशवाहा उदिता सिंह विशाल रितेश आदि ने विभिन्न अतिथियों को बैज और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अंशू अस्थाना ने किया। अंत में साहित्यानुरागी की संरक्षक डॉ मालती मिश्रा ने सभी आगन्तुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर राजाराम सिंह, बृजेश सिंह, शिव गोविंद सिंह ,सिद्धार्थ सिंह ,प्रवीण सिंह, जय प्रकाश यादव ,अरविंद सिंह ,सुरेंद्र सिंह, अंजिता दहिया, जिया फातिमा, शैलेश राय, प्रवेश सिंह,कुँवर अजय विक्रम, पवन गौतम आदि लोग मौजूद थे।
भिटौरा अंत्याक्षरी में साईं स्कूल गीत संगीत में बना चैंपियन
साहित्यानुरागी के काव्य अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में उच्च प्राथमिक विद्यालय भिटौरा आजमगढ़ विजेता और कम्पोजिट विद्यालय भैरोपुर आजमगढ़ उपविजेता बना। बोलियों पर आधारित कविता गीत प्रतियोगिता में साईं इंटरनेशनल स्कूल आजमगढ़ को प्रथम सेंट्रल पब्लिक स्कूल आजमगढ़ द्वितीय और वेदांता इंटरनेशनल स्कूल आजमगढ़ को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्राची सिंह राजकीय विद्यालय जमुड़ी, अनिमेष,प्रतिभा इंटरनेशनल स्कूल आरव यादव, जयपुरिया स्कूल को विशेष पुरस्कार दिया गया।
अंत्याक्षरी प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अनूप सिंह प्रतिभा सिंह ममता पंडित संतोष सिंह कौशल राय सरिता सिंह शामिल रहे। प्रतियोगियो का समय नियंत्रण और निर्धारण अरुण मौर्य ने किया। अंत्याक्षरी प्रतियोगिता का संचालन और संयोजन आराधना शुक्ला ने किया।
डॉ.मनीषा मिश्रा
अध्यक्ष



