Azamgarh News:भैरो बाबा मंदिर की सूचना नहीं देने पर ईओ पर 25 हजार का अर्थदंड
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
भैरो बाबा मंदिर की सूचना नहीं देने पर ईओ पर 25 हजार का अर्थदंड
आयोग ने विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की, दो जन सूचना अधिकारियों के वेतन से होगी वसूली
आजमगढ़ जनपद के महराजगंज नगर में स्थित भैरो बाबा मंदिर परिसर में कराए जा रहे सुंदरीकरण और विकास कार्यों से संबंधित सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने नगर पंचायत महराजगंज के जन सूचना अधिकारी/अधिशासी अधिकारी के खिलाफ 25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(2) के तहत विभागीय/अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
आयोग के 20 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार, अपीलकर्ता जितेंद्र मौर्या ने 21 मई 2025 को आरटीआई के माध्यम से नगर पंचायत क्षेत्र स्थित बाबा मंदिर/भैरो बाबा मंदिर परिसर में कराए जा रहे सुंदरीकरण एवं विकास कार्यों से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। सूचना नहीं मिलने पर मामला आयोग पहुंचा।
आयोग की पत्रावली के अनुसार, 29 अक्तूबर 2025 और आठ जनवरी 2026 की सुनवाई में संबंधित जन सूचना अधिकारी/अधिशासी अधिकारी को सूचना उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया, लेकिन सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। आयोग के समक्ष लिखित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत नहीं किया गया। 23 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
11 जून 2026 की सुनवाई में संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर आयोग ने 250 रुपये प्रतिदिन की दर से 25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। बाद के आदेश में अर्थदंड की वसूली का निर्देश दिया गया।
आयोग के निर्देश के मुताबिक 25 हजार रुपये की राशि पूर्व में कार्यरत जन सूचना अधिकारी और वर्तमान में कार्यरत संबंधित जन सूचना अधिकारी के वेतन से आधी-आधी वसूली जाएगी। जिला कोषाधिकारी को कटौती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्रावली सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मंदिर के सुंदरीकरण के लिए कितना बजट स्वीकृत हुआ, क्या काम स्वीकृत थे, किस प्रक्रिया से काम आवंटित हुआ और कितना भुगतान किया गया। आयोग की कार्रवाई को अपने आप में वित्तीय अनियमितता या घोटाले का प्रमाण नहीं माना जा सकता।



