Azamgarh news :विश्व नदी दिवस-2026 पर ‘नदी की बात-जन-जन के साथ’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित
विश्व नदी दिवस-2026 पर ‘नदी की बात-जन-जन के साथ’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

विश्व नदी दिवस 27 सितंबर को जल संरक्षण पर आयोजित होगा सेमिनार
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्व नदी दिवस-2026 के अवसर पर 27 सितंबर 2026 को प्रस्तावित ‘नदी की बात-जन-जन के साथ’ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में लोक दायित्व न्यास, आजमगढ़ के केंद्रीय संयोजक डॉ. पवन कुमार ने अवगत कराया कि लोक दायित्व द्वारा विश्व नदी दिवस-2026 के अवसर पर जनपद आजमगढ़ में ‘नदी की बात-जन-जन के साथ’ अभियान के अंतर्गत व्यापक नदी एवं जल-संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम तथा प्रदर्शनी का आयोजन हरिऔध कला केंद्र में किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को नदियों, तालाबों, पोखरों, कुओं एवं अन्य जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ ही जल संरक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मूल संदेश ‘हमारी नदी-हमारा दायित्व’ है। इसका उद्देश्य नदी एवं जलस्रोतों के संरक्षण को केवल पर्यावरणीय विषय तक सीमित न रखते हुए इसे जनजीवन, कृषि, भूजल, जैव-विविधता, लोकसंस्कृति तथा भावी पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ना है। इसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और स्थानीय स्तर पर सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
आजमगढ़ की जल-स्मृति, वर्तमान जल-स्थिति और भविष्य की जल-दृष्टि को एक मंच पर लाने का प्रयास
जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह आयोजन मात्र एक दिवस का औपचारिक कार्यक्रम न होकर ‘आजमगढ़ की जल-स्मृति, वर्तमान जल-स्थिति और भविष्य की जल-दृष्टि’ को एक मंच पर लाने का प्रयास है। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जलस्रोतों, नदियों, जल संरक्षण से जुड़ी परंपराओं, स्थानीय अनुभवों एवं वर्तमान जल-स्थिति से संबंधित जानकारी को संकलित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त स्थानीय अध्ययन, जन-सुझाव एवं जलस्रोतों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को संकलित कर भविष्य में ‘आजमगढ़ जल-अभिलेख-2026’ एवं ‘आजमगढ़ जल एटलस’ के रूप में विकसित करने का भी संकल्प है। इससे जनपद की जल-संपदा, जलस्रोतों की स्थिति तथा जल संरक्षण से जुड़े स्थानीय प्रयासों का व्यवस्थित दस्तावेज तैयार करने में सहायता मिलेगी।
जल संरक्षण को जन-अभियान का स्वरूप देने पर जोर
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किया जाए। विद्यालयों, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए नदी एवं जल संरक्षण के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की आवश्यकता के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। स्थानीय नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण के लिए जन-जागरूकता के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों, प्रदर्शनी, जन-जागरूकता गतिविधियों एवं विभागीय समन्वय को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि ‘नदी की बात-जन-जन के साथ’ अभियान को जनपद में नदी एवं जल संरक्षण के लिए एक प्रभावी जन-जागरूकता एवं जनभागीदारी अभियान के रूप में विकसित किया जाए, ताकि जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति लोगों में स्वामित्व एवं दायित्व की भावना मजबूत हो सके।
बैठक में पीडी डीआरडीए सच्चिदानंद, डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र, डीआईओ डॉ. पंकज कुमार, बीएसए राजीव पाठक, एसीएमओ डॉ. अजीज, डायट प्रवक्ता अजय, प्रभारी डीएफओ नवीन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



