Azamgarh news :आजमगढ़ में बारिस संग बही कजरी की बयार, हरिऔध कला केंद्र में आयोजित हुआ दो दिवसीय भव्य व शानदार कजरी महोत्सव

आजमगढ़ में बारिस संग बही कजरी की बयार, हरिऔध कला केंद्र में आयोजित हुआ दो दिवसीय भव्य व शानदार कजरी महोत्सव

नामचीन एवं स्थानीय कलाकारों की कजरी प्रस्तुतियों ने बांधा समां, देर रात तक कजरीमय रहा माहौल

कजरी आजमगढ़ की माटी की खुशबू और लोक संस्कृति की पहचान है—विजय बहादुर पाठक

कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घेरी आइल ननदी-पद्मश्री कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

प्राचीन कला,संगीत व संस्कृति की विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन एवं हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय के संयुक्त सहयोग से शनिवार एवं रविवार को हरिऔध कला प्रांगण में दो दिवसीय भव्य कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। लगातार हो रही बारिश की फुहारों के बीच कजरी की मधुर स्वर लहरियों ने देर रात्रि तक समूचे वातावरण को कजरीमय बना दिया। नामचीन कलाकारों के साथ ही स्थानीय एवं नवोदित कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से लोक संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया।

कजरी महोत्सव का शुभारंभ मा0 विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक, पद्मश्री एवं प्रसिद्ध कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव मिर्जापुर, डॉ. मन्नू यादव ‘कृष्ण’, वाराणसी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह तथा हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर मा0 विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के पांच मंडल मुख्यालयों—आजमगढ़, मिर्जापुर, वाराणसी, गोरखपुर एवं मुरादाबाद में पारंपरिक कजली गायन की समृद्ध परंपरा को आगामी पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि कजरी केवल एक गीत नहीं, बल्कि आजमगढ़ की माटी की खुशबू और लोक संस्कृति की पहचान है। स्थानीय लोक कलाओं को मंच प्रदान कर कलाकारों को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है।

नामचीन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से बांधा समां

कजरी महोत्सव के प्रथम दिन प्रसिद्ध कजरी गायक एवं कजरी मीमांसा के लेखक डॉ. मन्नू यादव ‘कृष्ण’, वाराणसी ने कजरी गायन की शानदार प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद अयोध्या से आए कलाकार सत्यांशु पटेल ने अवधी कजरी सहित विभिन्न लोकगीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्कृष्ट कजरी प्रस्तुतियां दीं। आजमगढ़ के स्थानीय कलाकारों अजय मिश्रा, आलोक मिश्रा, हृदय मिश्रा एवं कृतिका सिंह ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों के माध्यम से आजमगढ़ की लोक परंपरा और मिट्टी की खुशबू को मंच पर जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम के प्रथम दिन का विशेष आकर्षण पद्मश्री प्रसिद्ध कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव की प्रस्तुति रही। उन्होंने अपने लोकप्रिय कजरी गीतों की प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

उन्होंने पिया मंगाए दा मेहंदी, मोतीझील से ना…,हमरी अटरिया पे आजा रे सांवरिया, देखा देखी बलम होई जाये”…. कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घेरी आइल ननदी तू तऽ जात हउऐ अकेली, कोई संग न सहेली, गुंडा रोकी लिहें तोहरी डगरिया, बदरिया घेरी आइल ननदी… अनेक गीतों को सुनाकर माहौल को कजरीमय किया। उनकी प्रस्तुतियों पर देर रात तक दर्शक तालियां बजाते रहे और पूरा हरिऔध कला प्रांगण कजरी के रंग में रंगा नजर आया।

दूसरे दिन भी लोक गायन की शानदार प्रस्तुतियों ने मोहा मन

महोत्सव के दूसरे दिन वाराणसी से आईं डॉ. सुचारिता गुप्ता एवं डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य ने कजरी लोक गायन की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही आजमगढ़ के स्थानीय कजरी कलाकारों नीतीश मिश्रा, आदर्श मिश्रा, शीतला मोहन मिश्रा एवं राहुल मिश्रा ने अपनी प्रस्तुतियों से कजरी की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया।

कलाकारों ने पारंपरिक कजरी की विभिन्न शैलियों एवं लोक भावनाओं को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। बारिश की फुहारों के बीच कजरी की स्वर लहरियों और वाद्य यंत्रों की संगति ने हरिऔध कला प्रांगण में मनमोहक वातावरण उत्पन्न कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत एवं लोक संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

लोक परंपराओं के संरक्षण का सशक्त माध्यम बना कजरी महोत्सव

दो दिवसीय कजरी महोत्सव के माध्यम से पारंपरिक कजरी गायन की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में स्थापित कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों एवं हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को मंच प्रदान किए जाने से लोक संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया गया।

दो दिवसीय कजरी महोत्सव का संयोजन जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार एवं जिला पर्यटन अधिकारी नवीन सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर आनंद प्रकाश आदि उपस्थित रहें।

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