Azamgarh News:गाजे-बाजे और शंखनाद के बीच पितरों की शांति के लिए दंपती ने शुरू की धार्मिक यात्रा
आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय
गाजे-बाजे और शंखनाद के बीच पितरों की शांति के लिए दंपती ने शुरू की धार्मिक यात्रा
पिशाच मोचन वाराणसी से गया धाम और जगन्नाथ पुरी तक करेंगे पिंडदान, सैकड़ों ग्रामीण बने श्रद्धा के साक्षी
आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज विकासखंड अंतर्गत श्रीनगर सियरहां गांव में पितृपक्ष के पावन अवसर पर सोमवार को श्रद्धा, आस्था और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। गांव निवासी वीरेंद्र राय एवं उनकी पत्नी शैल कुमारी राय ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के उद्देश्य से विशेष धार्मिक यात्रा का संकल्प लिया। दंपती पिशाच मोचन, वाराणसी होते हुए गया धाम और जगन्नाथ पुरी धाम तक यात्रा करेंगे तथा इसके बाद वापस अपने गांव लौटेंगे।
धार्मिक यात्रा के अवसर पर सुबह करीब 8 बजे से ही वीरेंद्र राय के आवास पर पिंडदान, पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार, ग्रामीण और क्षेत्रवासी उनके घर पहुंचे। पूजा-अर्चना के बाद दंपती ने गांव के प्रत्येक घर-द्वार पर जाकर अक्षत छिड़का और सभी से आशीर्वाद लिया। पूरे गांव का भ्रमण करते हुए दंपती श्री राधा-कृष्ण शिव मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
इस दौरान गाजे-बाजे और शंखनाद से पूरा गांव भक्तिमय हो उठा। धार्मिक जयघोष और शंख की ध्वनि के बीच ग्रामीणों ने दंपती की मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट किया।
श्री राधा-कृष्ण शिव मंदिर पर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शाम करीब 4 बजे दंपती ने पितरों की शांति के संकल्प के साथ अपनी धार्मिक यात्रा के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान परिजनों एवं ग्रामीणों की आंखों में भावनाएं भी नजर आईं और लोगों ने दंपती को सुरक्षित एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए की जा रही यह यात्रा आस्था, परंपरा और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बनी। पूरे आयोजन के दौरान श्रीनगर गांव का वातावरण धार्मिक एवं भावनात्मक बना रहा।



