Azamgarh News:विधवा पेंशन और आवास का भरोसा देकर बुजुर्ग महिला की जमीन का कराया बैनामा, खाते से भी निकाले रुपये
विधवा पेंशन और आवास का भरोसा देकर बुजुर्ग महिला की जमीन का कराया बैनामा, खाते से भी निकाले रुपये
न्यायालय के आदेश पर ग्राम प्रधान समेत चार के खिलाफ मुकदमा, पुलिस ने शुरू की जांच
बरदहआजमगढ़
बरदह थाना क्षेत्र बरदह गांव में विधवा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास दिलाने का भरोसा देकर 70 वर्षीय अनपढ़ विधवा महिला की जमीन का कथित तौर पर छलपूर्वक बैनामा कराने और उसके बैंक खाते से रुपये निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद बरदह पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
बरदह गांव निवासी देवराजी पत्नी स्व. फिरतू राम ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जाति की गरीब, अनपढ़ और विधवा महिला है। गांव के प्रधान मुन्ना लाल पर उसे विश्वास था। आरोप है कि प्रधान और उसके बेटे सौरभ ने विधवा पेंशन तथा आवास दिलाने का भरोसा देकर उसका विश्वास जीता।महिला के मुताबिक, 29 अप्रैल 2025 को प्रधान और उसका बेटा उसे मार्टिनगंज तहसील ले गए। वहां पेंशन और आवास से संबंधित कागजात बताकर कई स्थानों पर उसके अंगूठे लगवाए गए। इसके बाद दो मई को सौरभ उसे बरदह बाजार स्थित जनसेवा केंद्र ले गया, जहां बैंक मित्र के माध्यम से खाता खुलवाया गया। उसे बताया गया कि इसी खाते में पेंशन की रकम आएगी।
पीड़िता का आरोप है कि बाद में जानकारी करने पर पता चला कि उसकी आराजी संख्या 1092 में दर्ज 0.116 हेक्टेयर जमीन में उसके हिस्से की 23.87 भूमि का बैनामा प्रधान के भाई की पत्नी रेनू के नाम करा दिया गया है। रजिस्ट्री कार्यालय में जांच कराने पर कथित बैनामे की पुष्टि होने की बात महिला ने प्रार्थना पत्र में कही है।
खाते में जमा हुए 46 हजार, 45 हजार निकाले
महिला के अनुसार, 30 जुलाई 2025 को बैंक से खाते की जानकारी लेने पर पता चला कि कथित बैनामे की धनराशि के रूप में उसके खाते में कुल 46 हजार रुपये जमा किए गए थे। आरोप है कि सौरभ ने बैंक मित्र के माध्यम से उसके खाते से 25 हजार रुपये और अगले दिन 20 हजार रुपये निकाल लिए। महिला का कहना है कि उसे केवल एक हजार रुपये पेंशन के नाम पर दिए गए।
देवराजी ने आरोप लगाया कि उसने रेनू के नाम अपनी जमीन का कोई बैनामा नहीं किया। उसके अंगूठे का इस्तेमाल कर साजिश और छल-धोखाधड़ी के जरिए जमीन का बैनामा कराया गया और खाते में आई रकम भी निकाल ली गई।थाने से कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ से शिकायत की। वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर बरदह पुलिस ने ग्राम प्रधान मुन्ना लाल, उसके बेटे सौरभ, प्रधान के भाई की पत्नी रेनू और नरमू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थाना अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार का
कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है। कथित बैनामे के दस्तावेज, रजिस्ट्री प्रक्रिया, महिला के अंगूठे और हस्ताक्षर, बैंक खाते में जमा हुई रकम तथा निकासी के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वही ग्राम प्रधान मुन्ना से पूछा गया इस बारे में कि आपके ऊपर आरोप लगाया जा रहा है इसमें क्या सच्चाई है उन्होंने अपने बयान में कहा कि मैं बैनामा लिया है खेत का इसमें मैंने कोई धोखाधड़ीनहीं की है चेक द्वारा पैसा दिया गया है मेरे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है जमीनी विवाद चल रहा है मैंने यह बैनामा अपने भाई के पत्नी के नाम लिया है कोई जबरदस्ती नहीं की है जिनकी जमीन हैउनके परिवार के सहमति से से बैनामा लिया गया है



