आजमगढ़:सुदनीपुर रौनापार में चरखा कातते हुए गांधी प्रतिमा पर किया गया प्रकाश सेवा आश्रम एवं ग्रामोद्योग द्वारा पुष्पमाला अर्पित
Azamgarh: Prakash Seva Ashram and Village Industries offered a garland to the Gandhi statue while spinning the charkha in Sudnipur Raunapar.
रिपोर्टर जगरथ पांडे
लाटघाट/ आजमगढ़: प्रकाश सेवा आश्रम एवं ग्रामोद्योग का शुभारंभ 1995- 96 में प्रकाश सेवा आश्रम में शुभारंभ किया गया । जिसमें आज कतिन बुनकर 259 है। ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि₹600 प्रति किलो के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कतिन बुनकर को दी जाती है। आयोग द्वारा लाभार्थी को वर्कसेड दिया जाता है । मकान बनवा कर दिया जाता है। कतिन बुनकर हर सप्ताह में सूत लाती हैं और रुई ले जाती हैं ।उनके द्वारा तैयार किया गया माल को हम खरीद लेते हैं और रुई आवश्यकता अनुसार दे देते हैं। यह घर बैठे रोजगार योजना है। कम से कम एक-दो साल अनवरत काम करने वाले को ही आवास का सुविधा आयोग द्वारा मिलती है । अब तक 25 -30 लोग नए जूटे हैं । इतना ही नहीं ठंडी के समय महिलाओं को साल और कंबल भी दिया जाता है। गांधी जयंती के इस अवसर पर जो चरखा कातने की परिपाटी थी ।वह आज भी घर बैठे रोजगार के साथ चल रही है।



