Azamgarh News:सीएचओ की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना, 17 हजार स्वास्थ्य अधिकारियों ने सरकार से मांगा हक

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
आजमगढ़ के सीएचओ भी लखनऊ के आंदोलन में हुए शामिल
सीएचओ की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना, 17 हजार स्वास्थ्य अधिकारियों ने सरकार से मांगा हक
कैडर निर्माण, पीबीआई को वेतन में शामिल करने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
आजमगढ़ जनपद के समस्त सीएचओ लखनऊ पहुंचकर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे करीब 17 हजार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। CHO Welfare Association एवं Trained Nurse Welfare Association Uttar Pradesh के बैनर तले प्रदेशभर के सीएचओ 28 सितंबर 2026 से लखनऊ स्थित ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ के रूप में काम कर रहे हैं। दूरदराज के गांवों में लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से लेकर स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में सीएचओ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी प्रमुख मांगें लंबित हैं, जिससे प्रदेशभर के सीएचओ में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है।
सीएचओ ने सबसे प्रमुख मांग के रूप में नियमित कैडर का निर्माण किए जाने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि हजारों स्वास्थ्य अधिकारी लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके भविष्य को लेकर स्थायित्व और स्पष्ट सेवा व्यवस्था का अभाव है। कैडर निर्माण होने से सीएचओ को सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर निश्चितता मिल सकेगी।सीएचओ की दूसरी प्रमुख मांग कार्य आधारित प्रोत्साहन (PBI) को मूल वेतन में शामिल करने की है। संगठन का कहना है कि सीएचओ लगातार स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कार्य आधारित प्रोत्साहन को अलग रखने के बजाय इसे वेतन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता मिल सके।
संगठन ने उत्तर प्रदेश के सीएचओ के वेतन में व्याप्त विसंगति को भी दूर करने की मांग की है। पत्र के अनुसार, अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश के सीएचओ को करीब 5 हजार रुपये कम वेतन मिल रहा है। संगठन ने सरकार से इस अंतर को समाप्त करते हुए समानता के आधार पर वेतन निर्धारित करने की मांग की है।
सीएचओ वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के लगभग 17 हजार सीएचओ 28 सितंबर से ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही संगठन ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक आंदोलन जारी रहने से ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
सीएचओ का कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का सम्मानजनक और स्थायी समाधान चाहते हैं। वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले इन स्वास्थ्य अधिकारियों को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
संगठन ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि प्रदेश के हजारों सीएचओ के भविष्य और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कैडर निर्माण, पीबीआई को वेतन में समाहित करने तथा वेतन विसंगति दूर करने की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए। इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश के साथ-साथ आजमगढ़ जनपद के समस्त सीएचओ उपस्थित रहे।



