मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय से ओबीसी वर्ग में असंतोष, जबलपुर में संयुक्त पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
Discontent among OBCs over Madhya Pradesh High Court's decision, United Backward Classes Front submits memorandum in Jabalpur

Jabalpur news:मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पिछड़े वर्ग के संबंध में दिए गए फैसले से दुखी होकर जबलपुर के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। संयुक्त पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नेतृत्व में अवाक संगठन, कुशवाहा समाज, कुर्मी समाज, विश्वकर्मा समाज, सर्वजनजाति सेवा, समाजवादी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, बौद्ध महासभा और पसमांडा कम्युनिटी के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछड़े वर्ग की आबादी 52 से 56 प्रतिशत होने के बावजूद, तय 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को घटाकर 14 प्रतिशत पर रोक दिया गया है, जिसका सीधा असर उनकी शिक्षा और रोजगार पर पड़ रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान देश के महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई है कि जातिगत जनगणना कराई जाए, चुनाव बैलेट पेपर से हों और निजी संस्थानों में भी आरक्षण लागू किया जाए। वक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे निरंतर संघर्ष और आंदोलन जारी रखेंगे। साथ ही, प्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से कानून पारित कर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट को भेजने की मांग की गई है ताकि पिछड़े वर्ग को उनके अधिकार मिल सकें।
जबलपुर से वाजीद खान की रिपोर्ट



