Azamgarh News:चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के संभावित प्रभाव को लेकर आजमगढ़ प्रशासन अलर्ट, 28 से 31 अक्टूबर तक सतर्क रहने की अपील*

आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय

चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के संभावित प्रभाव को लेकर आजमगढ़ प्रशासन अलर्ट, 28 से 31 अक्टूबर तक सतर्क रहने की अपील*

*बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका, किसान, पशुपालक एवं कच्चे मकानों में रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरते*

संभावित प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी*

आजमगढ़ 28 अक्टूबर 2026// चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के संभावित प्रभाव 28 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 के मध्य प्रदेश में बेमौसम वर्षा, तेज हवाओं एवं गरज-चमक की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें तथा किसी भी संभावित आपदा से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां अपनाएं। विशेष रूप से कृषक बंधु, पशुपालक एवं कच्चे मकानों में निवास करने वाले परिवार अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

 

अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ने बताया हैं कि जनहानि से बचाव हेतु आकाशीय बिजली चमकने एवं गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेतों, तालाबों तथा जलस्रोतों से दूर रहें। तेज हवाओं एवं वर्षा के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। पेड़ों, बिजली के खंभों एवं कमजोर संरचनाओं के नीचे खडे न हों। मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें तथा बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें। जर्जर भवनों, कच्ची दीवारों एवं कमजोर छतों से दूर रहें।

 

पशुहानि से बचाव हेतु पशुओं को खुले मैदान में बांधकर न रखें। उन्हें सुरक्षित एवं मजबूत पशुशाला में रखें। पशुशाला में जलभराव रोकने तथा चारे एवं पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। आकाशीय बिजली एवं तेज हवाओं के दौरान पशुओं को पेड़ों, बिजली के खंभों एवं तारों के पास न बांधें । पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाते समय स्वयं की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

 

फसल क्षति से बचाव हेतु खेतों में पककर तैयार फसलों की स्थिति के अनुसार कटाई एवं सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था करें। कटी हुई फसल, अनाज, बीज एवं कृषि उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में जलभराव से बचाव के लिए जल निकासी की समुचित व्यवस्था करें। मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करें तथा तेज हवाओं एवं वर्षा के दौरान खेतों में जाने से बचें।

 

मकान क्षति से बचाव हेतु कच्चे, जर्जर एवं कमजोर मकानों में रहने वाले परिवार मौसम खराब होने पर सुरक्षित पक्के भवन अथवा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षित आश्रय स्थल पर चले जाएं। घर की छत पर रखी ढीली वस्तुओं, टीनशेड एवं अन्य हल्की सामग्री को सुरक्षित कर लें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर दीवारों, पुराने पेडों एवं बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। मकान में दरार, छत गिरने अथवा अन्य खतरे के संकेत दिखाई देने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

 

*जनपदवासियों से विशेष अपील*

 

जिला प्रशासन द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में घबराएं नहीं तथा तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें। जनहानि, पशुहानि, फसल क्षति अथवा मकान क्षति की स्थिति में संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों को (9454417172, 05462-297551, 05462-297558, 05462-297559 एवं टोल फ्री नं0 1077) सूचित करें, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई एवं क्षति का आकलन किया जा सके।

 

अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ने बताया हैं कि ने समस्त सम्मानित जनता से अपील किया है कि मौसम संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मौसम ऐप, कृषि संबंधी परामर्श के लिए मेघदूत ऐप का उपयोग करें एवं वजपात संबंधी चेतावनियों के लिए दामिनी ऐप भी उपयोगी है।

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