राहुल, प्रियंका और खरगे लिखित में दें जवाब, क्या वह धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं : भाजपा
Rahul, Priyanka and Kharge should answer in writing, do they want to give reservation on the basis of religion: BJP

आरक्षण के मसले को लेकर भाजपा अपने विरोधी दल खासकर कांग्रेस को घेरने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की वरिष्ठ महिला मंत्री बेबी रानी मौर्य ने गुरुवार को भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
नई दिल्ली, 2 मई । आरक्षण के मसले को लेकर भाजपा अपने विरोधी दल खासकर कांग्रेस को घेरने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की वरिष्ठ महिला मंत्री बेबी रानी मौर्य ने गुरुवार को भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खरगे से लिखित में जवाब देने की मांग करते हुए कई सवाल पूछे।
उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहती है ? कांग्रेस लिखित में जवाब दे कि वह धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देगी क्योंकि उनकी बात का भरोसा नहीं है और उन्होंने कर्नाटक में ऐसा करने की साजिश की है।
उन्होंने पूछा कि कांग्रेस बताए कि उसने जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को क्यों खत्म किया? और अगर इसे फिर से बहाल किया जाएगा तो क्या वह इसका समर्थन करेगी ? क्या वे जम्मू कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 वापस लागू करने का समर्थन करेंगे ?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान के खिलाफ जाकर वोट बैंक और तुष्टिकरण के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण देने की योजना पर काम कर रही है।
उन्होंने आगे यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वेल्थ डिस्ट्रीब्यूशन की बात कही है। कांग्रेस लिखित में बताए कि वह एससी, एसटी और ओबीसी समाज की संपत्ति को लूटकर मुसलमानों को नहीं देगी।
मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उसकी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बेबी रानी मौर्य ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने हमें आरक्षण दिया और उनके सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं। उनके कारण आज दलित समाज स्वाभिमान से जी रहा है।
सरकारी नौकरी की संख्या कम किए जाने के आरोपों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ है, बल्कि राहुल गांधी खुद के बारे में भी बताएं कि उन्होंने कितनी नौकरियां दी हैं।



