आजमगढ़:क्यों नहीं होगी योगी सरकार बदनाम,जब लेखपाल और तहसीलदार ही करेंगे ऐसा काम

मेंहनगर आज़मगढ़ / स्थानीय तहसील अंतर्गत ग्राम सभा खजुरा में 9 जून को तहसीलदार अभिषेक सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर पैमाइस करने आई जिसमे पूर्व लेखपाल इन्द्रबहादुर सिंह की जमीन की पैमाइश करने की बात थी जो सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए हुए है
मण्डलायुक्त के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुये तहसीलदार अभिषेक सिंह ने प्रार्थी अशोक सिंह के विद्यालय की पैमाइश करना सुरु कर दिया । जबकी पीड़ित अशोक सिंह के विद्यालय की पैमाइश पहले हो चुकी थी। अशोक सिंह ने कहा कि आज तो पैमाइस इंद्रबहादुर सिंह के जमीन की होनी है तो तहसीलदार ने तड़कते आवाज में कहा कि तुम मेरे अधिकारी हो या मैं तुम्हारा अधिकारी हूं तुम मुझसे ज्यादा जानते हो । मैं पैमाइस विद्यालय की ही करूँगा और तुम्हारा विद्यालय गिरवा भी दूंगा ।जबकि पीड़ित के अनुसार प्रार्थी का विद्यालय अपनी भूमधरी में बना हुआ है।आरोप है कि इस पर भारी भरकम धन उगाही करके तहसीलदार मेंहनगर प्रार्थी का मानसिक आर्थिक तथा हर तरह से तनाव पैदा कर रहे हैं।
और प्रार्थी से धन उगाही की बात कर रहे हैं जब प्रार्थी ने धन देने से इनकार कर दिया तब तहसीलदार ने कहा कि तुम्हारा विद्यालय ऊसर भूमि में बना हुआ है इसे मैं गिरवा दूंगा जिसे लेकर हल्का फुल्का बात विवाद भी हुआ। जिसको लेकर प्रार्थी अशोक सिंह काफी आहत है। प्रार्थी अशोक सिंह जिलाधिकारी और मण्डला युक्त आजमगढ़ को भी घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र दे चुका हैं। पीड़ित के अनुसार मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा एक दिवसीय तहसीलदार के कार्य से छुभ्द होकर के धरना प्रदर्शन करेगी जिसकी सारी जिम्मेदारी तहसीलदार मेंहनगर की होगी ।
अगर तहसीलदार मेंहनगर धन उगाही और भ्रष्टाचार में डूबे रहे तो एक दिन किसान मोर्चा के लोग सड़क पर उतरने को तैयार है और जिलाधिकारी आजमगढ़ का ध्यान उक्त समस्या की तरफ आकर्षित करते हुए तहसीलदार मेंहनगर को तत्काल स्थानांतरण की मांग की है। यदि समय रहते तहसीलदार मेहनगर का स्थानांतरण नही किया गया तो भाजपा किसान मोर्चा सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़नेको बाध्य होगा ।



