देश में सकारात्मक माहौल बनाने में ‘मन की बात’ कारगर : मोहन यादव

'Mann Ki Baat' effective in creating positive atmosphere in the country: Mohan Yadav

[responsivevoice_button rate="1" pitch="1.0" volume="0.9" voice="Hindi Female" buttontext="Listen This News"]

भोपाल, 30 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की, जिनमें उन्होंने एनडीए सरकार को फिर से चुनने के लिए मतदाताओं का धन्यवाद किया।

पीएम मोदी के ‘मन की बात’ को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में सकारात्मक माहौल बनाने में ‘मन की बात’ की महत्वपूर्ण भूमिका है। मैनें भी इस प्रसारण को सुना। केंद्र में तीसरी बार सरकार बनने के बाद यह पहला ‘मन की बात’ का प्रसारण था, जिसके लिए मैं पीएम मोदी को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कई नवाचार किए। ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने भारत की सांस्कृतिक गौरव के साथ देश की विविधता की चर्चा की।उन्होंने कहा कि भारतीय टीम का क्रिकेट मैच जीतना देशवासियों के लिए अद्भुत मौका है। भारत की टीम ने असंभव को संभव कर दिखाया है। सूर्य कुमार का प्रदर्शन सभी को हमेशा याद रहेगा।विधानसभा में विपक्ष की हंगामा करने की रणनीति पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष अपनी बात करेगा। यह उनका हक है। विपक्ष हमारी कमियां निकाले। हमें आगाह करे। सरकार अपनी अच्छी बात बताएगी। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 6 जुलाई को पौधरोपण का बड़ा कार्यक्रम है। 5.50 करोड़ पौधे लगाएंगे।

 

 

 

 

 

 

सीएम मोहन यादव ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ हमारे संबंध अच्छे होने चाहिए। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आ रहे हैं। उनके अधिकारियों की टीम आ रही है। पहले दिल्ली में बैठक हुई। 20 साल पुरानी उलझन को दूर किया। चंबल, मालवा अंचल को पीने का पानी, खेतों में पानी, बिजली का उत्पादन, बांधों की संरचना में मदद मिलेगी। 70 हजार करोड़ की इस परियोजना से मध्य प्रदेश में विकास होगा। पर्यटन, शिक्षा समेत कई विषयों पर हमने समाधान निकाला है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी भोपाल आने वाले हैं। महाकौशल क्षेत्र को इससे फायदा मिलेगा। यूपी के मुख्यमंत्री से भी चर्चा हो रही है। बुंदेलखंड में पानी की भरपूर उपलब्धता रहेगी।लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद समीक्षा बैठक पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए। मेरी सहानभूति कांग्रेस के साथ है। कांग्रेस को अपनी हार से उबरने में काफी टाइम लगेगा। भाजपा ने जनता का दिल जीता है। बूथ वाली परंपरा कांग्रेस के अंदर नहीं है। नेतृत्व के मामले में भी कांग्रेस को विचार करना चाहिए। आरोप लगाना सरल होता है, ये कांग्रेस पार्टी के लिए आत्ममंथन का दौर है।

Related Articles

Back to top button