12 किमी के बाईपास में सबसे ज्यादा आएगी सिंचाई विभाग की जमीन

 

 

रिपोर्टर अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ हिंद एकता टाइम्स

 

 

बलिया/रसड़ा। रसड़ा कस्बे को जाम से निजात दिलाने के लिए लखनऊ-बलिया मार्ग स्थित नरायनपुर-परिसया मोड़ से सिंगही होते हुए लगभग 12 किमी लंबे बाईपास का निर्माण कराया जाना है। आचार संहिता से पहले शासन ने इसके लिए 72 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दी थी। पहली किस्त में 6.65 करोड़ रुपये मिले थे। अब शासन ने 25.30 करोड़ और दिए हैं। इससे कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। बाईपास के बनने कस्बे में लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।

लखनऊ-बलिया रोड पर ज्यादा ट्रैफिक भार के कारण कस्बे में जाम की स्थिति बनी रहती है। प्यारेलाल चौराहा और गढि़या में रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से वाहनों की कतार लग जाती है। समस्या से निजात के लिए लखनऊ-बलिया मार्ग स्थित नरायनपुर-परिसया मोड़ से सिंगही होते हुए रामनगर पुलिया तक लगभग 12 किमी लंबे बाईपास का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए शासन की ओर से लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले 72.30 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दी गई थी।

 

 

 

शुरुआती दिनों पर विभाग की ओर से परासिया मोड़ से मिशन स्कूल पुलिया के समीप तक लगभग 500 मीटर तक सड़क के दोनों तरफ मिट्टी का कार्य किया गया। परसिया मोड़ से भिखारी गांव की तरफ जाने वाली पुलिया तक 20 मीटर तक एक ही तरफ गिट्टी बिछाई गई है। ये सड़क 10 मीटर चौड़ी की जानी है। शासन ने 25.30 करोड़ रुपये और जारी कर दिए हैं। इस सड़क के बनने से परासिया, सुलुई, सुल्तानपुर, सिंगही, कमतैला, नसरतपुर, अमहर, कट्या सहित दर्जनों गांव के लोग लाभान्वित होंगे।

 

 

सबसे ज्यादा आएगी सिंचाई विभाग की भूमि

बलिया। बाईपास के निर्माण में सबसे ज्यादा सिंचाई विभाग की भूमि आनी है। क्योंकि ये बाईपास नहर के किनारे बन रहा है। सिंचाई विभाग की ओर से 30 मीटर चौड़ी भूमि विभाग की होने का दावा किया गया है। ये नगर के बीच से 12-13 मीटर के आसपास है। इस कारण 10 मीटर चौड़ी सड़क के लिए किसानों से भी जमीन ली जाएगी। इसके लिए सर्वे चल रहा है। भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के बाद रेट आदि का निर्धारण किया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

वन विभाग की लेटलटीफी से फोरलेन में हो रही देरी

बलिया। रसड़ा-गाजीपुर मार्ग पर कासिमाबाद तक फोरलेन का कार्य भी 339.27 करोड़ होना है। शासन की ओर से इसके लिए पूरी धनराशि भी जारी कर दी गई है। फोरलने के लिए एलाइनमेंट का कार्य भी पूरा हो चुका है। विभाग के पास पहले से 22 से 28 मीटर चौड़ी जमीन मार्ग पर उपलब्ध है। यहां भी किसानों से थोड़ी ही जमीन ली जानी है। इसके लिए सर्वे आदि की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। मार्ग पर कई पेड़ों को भी काटा जाना है, जिसके लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार वन विभाग की लेटलतीफी से कार्य प्रभावित हो रहा है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एई मनीष कुमार ने बताया कि सर्वे का तेजी से किया जा रहा है। बहुत जल्द कार्य में तेजी आएगी।

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