संस्कृति बोध परियोजना महा अभियान में पुस्तक का विमोचन प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति

रिपोर्टर संजय सिंह
रसड़ा ( बलिया ) क्षेत्र में स्थित नागा जी सरस्वती विद्या मंदिर में संस्कृति बोध परियोजना के महा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई प्रमुख गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली से आए दुर्ग सिंह राजपुरोहित(अखिल भारतीय संयोजक संस्कृति बोध परियोजना)उपस्थित रहे। उनके साथ अयोध्या से आए राजकुमार सिंह(क्षेत्रीय संयोजक), गोरखपुर से आए जियालाल जी(सह क्षेत्रीय संयोजक और दिवाकर जी(प्रांतीय संयोजक) भी इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि परिचय से हुई, जिसे राकेश अग्रहरी ने प्रस्तुत किया। इस दौरान 40 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया। रामकुमार तिवारी जी, अक्षय ठाकुर जी, संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे जी, और अवध नारायण जी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
इस महा अभियान का मुख्य आकर्षण संस्कृति बोध परियोजना में पुस्तक का विमोचन रहा है। इस महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन दुर्ग सिंह राजपुरोहित द्वारा किया गया, जिससे इस आयोजन को एक विशेष पहचान मिली। पुस्तक विमोचन के अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं हमारे युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने समाज में सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष कौशल जी द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी अतिथियों, प्रधानाचार्यों और अन्य सहभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम हैं और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में मददगार सिद्ध हो सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों और गतिविधियों के माध्यम से संस्कृति बोध को प्रोत्साहित किया गया। इन गतिविधियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं, और मूल्यों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे सभी उपस्थित जनों को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़ाने का अवसर मिला।
संस्कृति बोध परियोजना के इस महा अभियान ने समाज में एक नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया। इस कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखना और उन्हें आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह जानकारी रणजीत सिंह ने दी




