भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है अहिलवार की देवी। 

अहिलवार की देवी के सामने झुकना पड़ा था ब्रिटिश हुकूमत को।

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विनय मिश्र, जिला संवाददाता।

 

देवरिया जनपद से लगभग 7 किलोमीटर दूर पर स्थित माता रानी का मंदिर अहिरवार में स्थित है क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ब्रिटिश हुकूमत का कभी सूर्य अस्त नहीं होता था हजारों किलोमीटर वाली ब्रिटिश हुकूमत के आगे न जाने कितनी रियासतें खत्म हुई आधी दुनिया पर राज करने वाले अंग्रेज हुकुम को भी देवरिया के मनोकामना पूर्ण सिद्ध दुर्गा रानी के आगे झुकना पड़ा था स्थानीय लोगों की माने तो तकरीबन 120 साल पुराने इस मंदिर से जुड़ा हुआ इतिहास भी कम दिलचस्प नहीं है ग्रामीणों की माने तो देवी की ताकत के आगे अंग्रेज बहादुर को भी घुटने टेकने पड़े थे अहिलवार गांव में स्थित मंदिर से थोड़े दूर से एक मेरे लाइन गुजरती है रेलवे लाइन को मंदिर से होकर गुजरना था लेकिन मन की शक्ति के आगे अंग्रेज अधिकारी की एक न चली । अंग्रेज अधिकारियों ने रेलवे लाइन वहीं से गुजरने का बाकायदा फरमान जारी किया था यही नहीं मां दुर्गा के प्राकृतिक पिंडी से ठीक पास रेलवे पटरी भी बनाने का काम शुरू हो गया लेकिन अंग्रेज अफसर के होश उसे वक्त उड़ गए जब शाम को बिछाई गई पटेरिया सुबह अपने आप क्षतिग्रस्त मिली। अंग्रेजों द्वारा पुनः बिछाई गई जो अगले दिन भी टूटी हुई मिली ऐसी घटना कई बार हुई मां की शक्ति के आगे अंग्रेज अफसर में घुटने टेक दिए मंदिर से 200 मीटर दूर जाना पड़ा तब जाकर रेलवे लाइन का कार्य पूरा हुआ यह मनोकामना पूर्ण माता रानी का मंदिर देवरिया सलेमपुर मार्ग के मुंडेरा बुजुर्ग चौराहे के उत्तर ग्राम सभा अहिरवार बुजुर्ग के सेट स्थित है। वैसे तो इस मंदिर पर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है । विशेष कर शारदीय एवं बसंती नवरात्र में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तजन अनेक राज्यों से आते रहते हैं और अपनी मन्नत मांगते हैं माता रानी अपने भक्तों का मन्नत पूरा करती है। और श्रद्धा भक्ति से लोग पूजन अर्चन करते हैं आज के समय में यह मंदिर भव्य रूप से तैयार है ।प्रतिदिन आरती पूजन होता है आसपास के भक्तजन उपस्थित होकर आरती करते और प्रसाद लेकर घर जाते हैं

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