कालीन मेले में आयातकों से निर्यातकों को मिल रही है जबरदस्त प्रतिक्रिया 

दूसरे दिन दुनिया भर से 195 विदेशी खरीदारों और 125 विदेशी खरीददार मेले में हुए शामिल 

 

भदोही। नई दिल्ली में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा आयोजित इंडिया कार्पेट एक्सपो के 48वें संस्करण में दूसरे दिन मंगलवार को दुनिया भर से 195 विदेशी खरीदारों और 125 विदेशी खरीददारों के प्रतिनिधियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। जिसमे मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी बेल्जियम, ब्राज़ील, बुल्गारिया, कनाडा, इजिप्ट, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कज़ाकिस्तान, स्विट्जर्लैंड, ताइवान, टर्की, यूएसए जैसे देश शामिल है।

मेले में दूसरे दिन अरुण कुमार सिंह राज्यसभा सदस्य, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन, कपड़ा मंत्रालय उत्तर प्रदेश, मंत्री श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग उत्तर प्रदेश अनिल राजभर ने कालीन मेले का दौरा किया। मेले की व्यवस्था और रंग विरंगी कालीनो भी की सराहना की। कहा कि इस कालीन मेले से कालीन उद्योग से जुड़े सभी लोगों को इसका लाभ मिलेगा। कालीन मेले के आयोजन से कालीन उद्योग को एक नई दिशा मिलेगी तथा समस्त आयातकों एवं निर्यातकों को शुभकामनाएं दी। सीईपीसी अध्यक्ष कुलदीप राज वाटल ने बताया कि भाग लेने वाले सदस्यों से प्राप्त प्रतिक्रिया के अनुसार भागीदार तथा एक्सपो में आने वाले विदेशी खरीददारों के साथ उनकी बातचीत के अनुसार खरीदार बहुत खुश थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर का ऐसा मंच प्रदान करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

इस कालीन मेले का उद्देश्य अत्यधिक श्रम प्रधान भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग पर ध्यान केंद्रित करना और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लगभग 20 लाख श्रमिकों, कारीगरों विशेषकर महिलाओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करना है। इंडिया कारपेट एक्सपो एशिया में सबसे बड़े हस्तनिर्मित कालीन मेलों में से एक है। जिसमें खरीदारों के लिए एक छत के नीचे सबसे अच्छे हस्तनिर्मित कालीन, गलीचे और अन्य फर्श कवरिंग के लिए एक अनूठा मंच मिलता है।

इस मौके पर सीईपीसी प्रशासनिक समिति सदस्य अनिल कुमार सिंह, वासिफ अंसारी, असलम महबूब, इम्तियाज अहमद, रोहित गुप्ता, पीयूष बरनवाल, हुसैन जफ़र हुसैनी, संजय गुप्ता, शेख आशिक अहमद, महावीर प्रताप शर्मा, बोधराज मल्होत्रा, मेहराज यासीन, शौकत खान तथा डा. स्मिता नागरकोटी अधिशासी निदेशक एवं सचिव, सीईपीसी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।

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