डीएम ने चंद्रमा ऋषि आश्रम पर स्थित धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक तमसा एवं सिलनी नदी के पानी की गुणवत्ता एवं सफाई का किया निरीक्षण
DM inspected the quality and cleanliness of the water of religious, mythological and historical Tamsa and Silni rivers located at Chandrama Rishi Ashram

आजमगढ़ 11 जुलाई: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार द्वारा आज चंद्रमा ऋषि आश्रम पर स्थित धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक नदी तमसा एवं सिलनी नदी के संगम के पानी की गुणवत्ता एवं साफ सफाई का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा को मनरेगा के अंतर्गत नदी की गाद, कूड़ा-कचरा एवं आने वाले पर्यटकों के द्वारा प्रयोग कर फेंके गए प्लास्टिक एवं अन्य सामानों को प्रापर तरीके से निरंतर सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी के किनारे एवं थोड़ी-थोड़ी दूर पर डस्टबिन रखवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नदी को साफ-सुथरा एवं स्वच्छ रखने हेतु जगह-जगह बोर्ड भी लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि सीसी टीवी कैमरा भी लगाया जाए, जिससे की निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि जन सामान्य की जानकारी हेतु एक चेतावनी बोर्ड भी बनवायें, जिसमें लिखें कि आप सीसीटीवी कैमरे की नजर में हैं, पकड़े जाने पर नगर पालिका एक्ट के विभिन्न अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी तथा जुर्माना भी वसूला जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि नदी जिस-जिस ग्राम से होकर गुजरती है, वहां के लोगों को नदी का संरक्षण एवं साफ सुथरा रखने हेतु जन जागरण अभियान भी चलाएं। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया जाए की नदी जीवन दायिनी है, इसे संरक्षित करना एवं साफ सुथरा, स्वच्छ बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि नदी का जलस्तर जहां तक बढ़ता है, उसके दो मीटर ऊपर अर्जुन, आम, जामुन, टीक आदि का वृक्षारोपण भी किया जाए।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने पूरे आश्रम परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने यात्री शेड, मेडिटेशन, हवन पूजन सामग्री, किचन आदि भी बनाए जाने की कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिर के किनारे सुरक्षा के दृष्टिगत चहारदीवारी एवं बांस के पेड़ों को चारों तरफ बैरिकेट करना सुनिश्चित करें।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री परीक्षित खटाना, डीसी मनरेगा श्री रामउदरेज यादव, खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



