Azamgarh News: 112 वर्ष की आयु में प्रकांड विद्वान श्री भागवत तिवारी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर 13वीं संस्कार में उमड़ा सम्मान और श्रद्धा का सैलाब

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ जनपद के महराजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सैदपुर गांव निवासी, धर्म और संस्कृति के प्रकांड विद्वान श्री भागवत तिवारी का बीते 14 जनवरी 2026 को 112 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों ने एक युगदृष्टा, विद्वान और मार्गदर्शक को खो देने की पीड़ा महसूस की।
श्री तिवारी अपने जीवनकाल में धर्म, वेद-पुराण और भारतीय संस्कृति के गहन ज्ञाता रहे। उनका व्यक्तित्व अत्यंत सरल, संयमित और प्रेरणादायी था। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक लोग उन्हें श्रद्धा की दृष्टि से देखते थे और धार्मिक व सामाजिक विषयों पर उनसे मार्गदर्शन लेते थे। उनके देहावसान को क्षेत्रीय जनमानस ने अपूरणीय क्षति बताया है।
रविवार को उनके पैतृक आवास पर 13वीं संस्कार का आयोजन किया गया, जहां क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी तथा भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को स्मरण किया। परिजनों के अनुसार, श्री तिवारी के परिवार में एक पुत्र एवं चार पौत्र हैं। विशेष बात यह है कि उनके एक पौत्र पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और चौथे स्तंभ के रूप में समाज की आवाज बनकर क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहते हैं। लोगों का कहना है कि यह भी उनके संस्कारों और विचारों की ही देन है। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि श्री भागवत तिवारी जैसे विद्वान विरले ही जन्म लेते हैं और उनका जाना पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।



