Azamgarh News:दिनभर जलती रहीं स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटें, बिजली की बर्बादी पर उठे सवाल

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
दिनभर जलती रहीं स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटें, बिजली की बर्बादी पर उठे सवाल
आजमगढ़ जनपद के नगर पालिका क्षेत्र बिलरियागंज में बिजली बचत और ऊर्जा संरक्षण के सरकारी दावों की पोल उस समय खुलती दिखाई दे रही है, जब नगर के विभिन्न स्थानों पर लगी स्ट्रीट लाइटें और हाईमास्ट लाइटें दिन के उजाले में भी लगातार जलती रहती हैं। इससे न केवल विद्युत ऊर्जा की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि सरकारी राजस्व पर भी अनावश्यक बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर के कई प्रमुख मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगी स्ट्रीट एवं हाईमास्ट लाइटें सुबह होने के बाद भी बंद नहीं की जाती हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण प्रतिदिन हजारों रुपये की बिजली व्यर्थ खर्च हो रही है।
ऊर्जा संरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं तथा आम जनता से बिजली बचाने की अपील की जाती है, लेकिन सरकारी संस्थानों द्वारा ही बिजली की बर्बादी किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। नगरवासियों का कहना है कि यदि समय पर लाइटों को बंद करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए तो काफी मात्रा में बिजली और सरकारी धन की बचत हो सकती है।
इस मामले में नगर पालिका प्रशासन और विद्युत विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि स्ट्रीट एवं हाईमास्ट लाइटों के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी किस विभाग की है। एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने स्वचालित टाइमर या सेंसर आधारित व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई है, ताकि दिन में लाइटें स्वतः बंद हो सकें और बिजली की बर्बादी पर रोक लग सके।
नगर क्षेत्र में दिनभर जलती लाइटें अब आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि जब आम उपभोक्ताओं को बिजली बचाने की सीख दी जाती है तो सरकारी विभागों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति उतनी ही जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।



