Azamgarh News:सर्पदंश का इलाज अस्पताल में, झाड़-फूंक में नहीं : सीएमओ

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय

सर्पदंश का इलाज अस्पताल में, झाड़-फूंक में नहीं : सीएमओ

आजमगढ़। बरसात के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जनपदवासियों से अंधविश्वास से दूर रहकर तत्काल चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप काटने के बाद झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपायों के भरोसे रहने से मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

सीएमओ ने बताया कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसका प्रभावी उपचार केवल अस्पताल में ही संभव है। सांप काटने पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना अथवा अन्य पारंपरिक उपाय न केवल बेअसर हैं, बल्कि मरीज की स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों के सर्पदंश मामलों का विश्लेषण कराया जा रहा है। प्रारंभिक समीक्षा में सामने आया है कि जून से सितंबर के बीच सर्पदंश की घटनाएं और मौतें सबसे अधिक होती हैं। ऐसे में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले क्षेत्रों और रात के समय खुले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा स्वास्थ्यकर्मियों को त्वरित उपचार के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सलाह दी कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत रखें, प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं-डुलाएं और बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।

सीएमओ ने कहा कि “सर्पदंश का इलाज अस्पताल में है, झाड़-फूंक में नहीं”। स्वास्थ्य विभाग इसी संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए जनजागरूकता अभियान चला रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button