Azamgarh News:जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने बाल सम्प्रेक्षण गृह, मऊ का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश*

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय
जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने बाल सम्प्रेक्षण गृह, मऊ का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश*
आजमगढ़ 29 जून 2026/
मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेशानुसार व माननीय जनपद न्यायाधीश, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला स्तरीय निरीक्षण समिति के पदाधिकारीगण द्वारा बाल सम्प्रेक्षण गृह, मऊ का निरीक्षण किया गया, जिसमें समिति के अध्यक्ष जैनुद्दीन अंसारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो न्यायालय, समिति के सदस्य नितिका राजन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़, आशुतोष मणि, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड, सुबोध सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, आजमगढ़ उपस्थित रहे।
निरीक्षण के समय सम्प्रेक्षण गृह में आज की तिथि में बाल अपचारियों की कुल संख्या 146 पायी गयी, जिसमें जनपद आजमगढ़ के 55 बाल अपचारी निरूद्ध थे। समिति द्वारा बाल सम्प्रेक्षण गृह में रखे गये अभिलेख उपस्थित पंजिका का अवलोकन किया गया। बाल सम्प्रेक्षण गृह में रखे गये उपस्थिति पंजिका के अनुसार संजय मिश्र, अधीक्षक बाल सम्प्रेक्षण गृह, विजय यादव व सुधाकर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जयप्रकाश, दिनेश यादव, पी०आर०डी०, रामदुलारे व विश्वनाथ राम होमगार्ड उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान सम्प्रेक्षण गृह में साफ-सफाई औसतन पायी गयी। निरीक्षण के समय पाया गया कि बाल अपचारियों को शिक्षा के लिए सम्प्रेक्षण गृह के अन्दर कक्ष बना हुआ है, जिसमें स्मार्ट बोर्ड लगा हुआ पाया गया। निरीक्षण के दौरान बाल सम्प्रेक्षण गृह में उजाले के लिए लाईट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं पायी गयी। इस सम्बन्ध में सचिव द्वारा अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे उजाले की पर्याप्त व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान क्लास रूम में बाल अपचारियों को पढ़ाने के लिए 05 अध्यापक राजीव पाण्डेय, वर्तिका मौर्या, धीरेन्द्र शास्त्री (बेसिक शिक्षा हेतु), रमेश चन्द्र व राजेश सिंह (माध्यमिक शिक्षा हेतु) नियुक्त है। निरीक्षण के दौरान कोई भी अध्यापक उपस्थित नहीं पाया गया। इस सम्बन्ध में अधीक्षक द्वारा यह अवगत कराया गया कि अध्यापकगण सुबह 10:00 बजे से अपरान्ह 02:00 बजे तक लाईब्रेरी कक्ष में सभी बाल अपचारियों को एक साथ पढ़ाते है, जिस पर समिति के अध्यक्ष द्वारा अधीक्षक को यह निर्देश दिया गया कि बेसिक व माध्यमिक बाल अपचारियों के लिए अलग-अलग कक्ष निर्धारित किया जाय इस हेतु समय अन्तराल का भी निर्धारण किया जाय।
निरीक्षण के दौरान बाल अपचारियों द्वारा बताया गया कि समय-समय पर भोजन, नाश्ता उपलब्ध कराया जाता है तथा आज सुबह में नाश्ते में चाय व पूडी दी गयी है। अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि बाल अपचारियों हेतु स्वयं सहायता समूह शक्ति रसोई द्वारा भोजन बनाया जाता है, जिसमें 14 वर्ष के उपर के 06 बच्चों द्वारा कुकिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है।
निरीक्षण समिति द्वारा मा० उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति द्वारा प्रदत्त प्रारूप जिसमें बाल अपचारियों के भोजन की गुणवत्ता, समग्र स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधियां, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, दैनिक गतिविधियों, किशोरों के प्रति कर्मचारियों का व्यवहार, आधारभूत संरचना के अन्तर्गत स्वच्छता, वेंटिलेशन, विभिन्न विद्यालयों के बच्चों के साथ नियमित संवाद एवं गतिविधियों, शैक्षिक पद्धति का विकास, परिसर में प्राकृतिक प्रकाश इत्यादि बिन्दुओं पर निरीक्षण किया गया तथा इस संबंध में अधीक्षक बाल सम्प्रेक्षण गृह को उपरोक्त बिन्दुओं के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। बाल अपचारियों से उनके मुकदमों की पैरवी हेतु अधिवक्ता के बारे में पूछा गया तो रितिक वर्मा बाल अपचारी द्वारा बताया गया कि उसके मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित नहीं है। इस सम्बन्ध में अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ को अधिवक्ता नामित करने हेतु पत्र प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि बाल अपचारियों के लिए नाट्य एवं संगीत हेतु श्रीमती ऋचा त्रिपाठी एवं आर्ट काफ्ट प्रशिक्षण हेतु वीना गुप्ता नामित है। बाल अपचारियों के लिए खेल कूद हेतु सम्प्रेक्षण गृह के अन्दर बड़ा ऑगन बना हुआ है, जिसमें बच्चे खेल कूद व मनोरंजन करते है। बाल अपचारियों के खेल कूद हेतु बॉलीवाल, बैटमिटन आदि की व्यवस्था की गयी है। सम्प्रेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान बाल अपचारियों से इनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया तो सभी अपचारी स्वस्थ्य है, किसी को कोई गम्भीर बीमारी नहीं है।



