Azamgarh News:न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर कब्जे का प्रयास, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार*
*न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर कब्जे का प्रयास, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार*
बरदह, आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के सहनूडीह गांव में न्यायालय के स्थगन आदेश (स्टे) के बावजूद विवादित भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना-पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सहनूडीह निवासी जगदीश यादव पुत्र रामबचन यादव का आरोप है कि सोमवार दोपहर करीब एक बजे गांव के कुछ लोग विवादित भूमि पर जबरन टिनशेड रखकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कीरत मौर्य, श्रवण, रामऔतार, राजकुमार, हनुमान तथा राजेन्द्र समेत अन्य लोग इस घटना में शामिल थे।
पीड़ित के अनुसार, संबंधित भूमि का मामला दीवानी न्यायालय, आजमगढ़ में वाद संख्या 593/2023 एवं 1056/1999 के तहत विचाराधीन है तथा न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश पारित किया जा चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उपजिलाधिकारी मार्टीनगंज ने भी न्यायालय के अंतिम आदेश तक किसी भी पक्ष को नया निर्माण कार्य न करने का निर्देश दिया था। पीड़ित का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से उक्त भूमि पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है।जगदीश यादव का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और बरदह थाने को दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि जबरन टिनशेड रखे जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की है। बताते चलें कि थाने के पीछे चंद कुछ दूरी पर यह मामला है । सी ओ लालगंज भूपेश पांडे ने बताया कि दोनों पक्ष को समझाने पर मन नहीं रहे हैं एक पक्ष तीन सेट रख रहा है एक पक्ष रोक रहा है न्यायालय में बात चल रहा है आदेश है कल उसको मैं दिखवाता हूं यथा स्थिति कायम रहेगी जो फैसला आएगा कोर्ट से वह दोनों पक्ष को मान्य होगा यही कार्य करवाएंगे।



