Azamgarh news :निर्माण श्रमिकों से श्रम विभाग ने पंजीकरण कराने की किया अपील, 7 प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

निर्माण श्रमिकों से श्रम विभाग ने पंजीकरण कराने की किया अपील, 7 प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव

उप श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने आजमगढ़ मंडल (आजमगढ़, मऊ एवं बलिया) के सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराकर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, लखनऊ द्वारा निर्माण श्रमिकों के हित में ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था संचालित की जा रही है। ऐसे निर्माण श्रमिक, जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच है तथा जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिनों तक निर्धारित 40 प्रकार के निर्माण कार्य अथवा मनरेगा कार्य किया है, वे बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट www.upbocw.in अथवा निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)/जन सेवा केंद्र के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

पंजीकरण हेतु आवश्यक अभिलेख

उप श्रमायुक्त ने बताया कि पंजीकरण के लिए श्रमिक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, नामिनी का आधार कार्ड तथा पिछले एक वर्ष में 90 दिन कार्य करने का प्रमाण-पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र आवश्यक होगा।

उन्होंने बताया कि पंजीकरण शुल्क 20 रुपये तथा नवीनीकरण शुल्क 20 रुपये प्रति वर्ष निर्धारित है। यदि कोई श्रमिक तीन वर्ष के लिए एक साथ नवीनीकरण कराना चाहता है तो वह 20 रुपये पंजीकरण शुल्क एवं 60 रुपये नवीनीकरण शुल्क, कुल 80 रुपये ऑनलाइन जमा कर सकता है।

पंजीकरण के बाद मिलेंगे अनेक कल्याणकारी लाभ

उन्होंने बताया कि पंजीकरण के उपरांत श्रमिक बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में ऑनलाइन आवेदन कर नियमानुसार लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में बोर्ड द्वारा मुख्य रूप से 07 कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत पंजीकरण के एक वर्ष बाद प्रथम दो प्रसव पर पुरुष श्रमिक को 6 हजार रुपये तथा महिला श्रमिक को तीन माह के न्यूनतम वेतन के समतुल्य सहायता राशि प्रदान की जाती है। पुत्र जन्म पर 20 हजार रुपये तथा पुत्री जन्म पर 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। प्रथम एवं द्वितीय बालिका के जन्म पर 25 हजार रुपये तथा दिव्यांग बालिका के लिए 50 हजार रुपये की सावधि जमा की सुविधा भी उपलब्ध है।

संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को कक्षा 1 से स्नातकोत्तर स्तर तक अध्ययन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने के लिए एक बार साइकिल खरीदने हेतु सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाती है।

अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत तीन वर्ष की सदस्यता पूर्ण करने वाले अद्यतन पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को प्रवेश की पात्रता प्राप्त होती है। साथ ही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से आच्छादित कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चे भी इस योजना के पात्र हैं।

कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकरण के एक वर्ष बाद पात्र निर्माण श्रमिकों की अधिकतम दो पुत्रियों अथवा पंजीकृत महिला श्रमिक को सामान्य विवाह पर 65 हजार रुपये, अंतरजातीय विवाह पर 75 हजार रुपये तथा सामूहिक विवाह पर 85 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

गंभीर बीमारी सहायता योजना के तहत सरकारी, स्वायत्तशासी अथवा SACHIS इम्पैनल्ड चिकित्सालयों में उपचार कराने पर आयुष्मान भारत योजना के समतुल्य सहायता राशि प्रतिपूर्ति के रूप में उपलब्ध कराई जाती है।

निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के अंतर्गत दुर्घटना अथवा सामान्य मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को मासिक आर्थिक सहायता एवं एकमुश्त अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त स्थायी दिव्यांगता की विभिन्न श्रेणियों में भी नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। वहीं कार्यस्थल पर अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु होने पर आश्रित को 1.25 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।

महात्मा गांधी पेंशन योजना के अंतर्गत 10 वर्ष की सदस्यता पूर्ण करने वाले पात्र श्रमिकों को 1,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है, जिसमें प्रत्येक दो वर्ष बाद 50 रुपये की वृद्धि का प्रावधान है। यह राशि अधिकतम 1,250 रुपये प्रतिमाह तक देय होगी। श्रमिक की मृत्यु होने पर पेंशन उसके जीवनसाथी को प्रदान की जाएगी।

आजमगढ़ मंडल में लाखों श्रमिकों को मिला लाभ

उप श्रमायुक्त ने बताया कि वर्तमान में आजमगढ़ मंडल (आजमगढ़, मऊ एवं बलिया) में 7,70,267 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। विगत वर्ष विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र श्रमिकों को 18 करोड़ 82 लाख 84 हजार 237 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

उन्होंने मंडल के सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपील की कि वे शीघ्र अपना पंजीकरण कराकर बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। अधिक जानकारी एवं आवश्यक सहयोग के लिए संबंधित जनपद के जिला श्रम कार्यालय अथवा निकटतम सीएससी/जन सेवा केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।

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