Azamgarh News:छोटे गांव से निकले दो होनहारों ने रचा इतिहास, नीट में शानदार सफलता से मंडल का बढ़ाया मान
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
छोटे गांव से निकले दो होनहारों ने रचा इतिहास, नीट में शानदार सफलता से मंडल का बढ़ाया मान
आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज विकासखंड अंतर्गत श्रीनगर (सियरहां) गांव के दो चचेरे भाइयों ने नीट-यूजी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र, जनपद और आजमगढ़ मंडल का नाम रोशन कर दिया है। दोनों की इस उपलब्धि से गांव में खुशी और गर्व का माहौल है तथा उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
गांव निवासी कृष्णा यादव पुत्र संतोष यादव ने अपने पहले ही प्रयास में 720 में 690 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक 131 हासिल की। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने न केवल आजमगढ़ जनपद बल्कि पूरे मंडल में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। कृष्णा तीन बहनों के बीच इकलौते भाई हैं। उनकी दूसरी बहन भी वाराणसी में रहकर नीट की तैयारी कर रही हैं, जबकि दो बहनें अभी छोटी हैं। कृष्णा के पिता गांव के बाजार में कपड़ों की एक छोटी-सी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
वहीं उनके चचेरे भाई आयुष कुमार यादव पुत्र वीरेंद्र कुमार यादव ने 720 में 673 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 429 हासिल की। आयुष ने दूसरे प्रयास में यह सफलता प्राप्त की। उनके परिवार में एक भाई और एक बहन हैं, जिनमें बहन भी वाराणसी में रहकर नीट की तैयारी कर रही हैं। आयुष के पिता आजमगढ़ शहर में मिठाई एवं चाय की दुकान संचालित करते हैं।
दोनों मेधावी छात्रों ने अपनी हाईस्कूल की शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, एलवल (आजमगढ़) से तथा इंटरमीडिएट की पढ़ाई विद्यांतर इंटरनेशनल स्कूल, पटवध कौतुक (आजमगढ़) से पूरी की। इसके बाद दोनों ने वाराणसी में रहकर नीट की तैयारी की और अपनी मेहनत, लगन तथा अनुशासन के दम पर सफलता का नया इतिहास रच दिया।
परिवार की इस सफलता में चिकित्सकीय वातावरण का भी योगदान माना जा रहा है। दोनों छात्रों के चाचा डॉ. डी.पी. यादव एमबीबीएस, एमएस (ऑर्थोपेडिक) हैं और वर्तमान में पीजीआई गाजीपुर में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी डॉ. किरण यादव नेत्र सर्जन हैं। दो साधारण परिवारों से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक नीट में मिली यह सफलता आज क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। गांव के लोग इन होनहार बेटों की उपलब्धि को मेहनत, संघर्ष और संकल्प की जीत बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।



