आजमगढ़:निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफ.एल.एन. प्रशिक्षण का शुभारंभ
Azamgarh: FLN training begins under the Nipun Bharat Mission

मुहम्मदपुर/आजमगढ़।निपुण भारत मिशन के अंतर्गत ब्लॉक संसाधन केंद्र, मुहम्मदपुर में शिक्षकों, शिक्षामित्रों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय एफ.एल.एन. (Foundational Literacy and Numeracy) प्रशिक्षण का शुभारंभ सोमवार की सुबह खंड शिक्षा अधिकारी मुहम्मदपुर रवि प्रकाश द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।उद्घाटन संबोधन में खंड शिक्षा अधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि एफ.एल.एन. निपुण भारत मिशन का आधार है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 तक बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बनाना है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़ने, लिखने और गणना करने की मूलभूत दक्षताएँ समय पर प्राप्त कर लेते हैं, तभी वे आगे की कक्षाओं में बेहतर सीखने में सक्षम होते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता एवं सक्रियता के साथ ग्रहण करते हुए विद्यालयों में बाल-केंद्रित, गतिविधि आधारित एवं आनंददायी शिक्षण पद्धति अपनाने का आह्वान किया।उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से भाषा एवं गणित के प्रभावी शिक्षण, सतत मूल्यांकन, टीएलएम के उपयोग तथा बच्चों की सीखने की गति के अनुरूप शिक्षण रणनीतियों की जानकारी दी जाएगी, जिससे विद्यालयों में सीखने के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार संभव होगा।प्रशिक्षण के दौरान संदर्भदाता (ए.आर.पी.) सुजीत सिंह (हिन्दी), मुकेश उपाध्याय (अंग्रेज़ी), रमापति यादव (गणित), मनीष यादव (विज्ञान) एवं अजय यादव (सामाजिक विषय) ने प्रशिक्षण की रूपरेखा, निपुण लक्ष्य, गतिविधि आधारित शिक्षण, भाषा विकास, गणितीय दक्षताओं के विकास तथा प्रभावी कक्षा संचालन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।इस अवसर पर अंजनी मिश्र, घनश्याम उपाध्याय, वीरेंद्र यादव, सत्यदेव यादव, अबू गानिम सहित अन्य ए.आर.पी., शिक्षक एवं शिक्षामित्र उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं नवाचारों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने का संकल्प लिया।प्रशिक्षण का शुभारंभ सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। आगामी पाँच दिनों तक विभिन्न शैक्षिक सत्रों, समूह गतिविधियों एवं व्यवहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों की दक्षताओं का विकास किया जाएगा।



