Gazipur news:केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दी वीर सपूत को श्रद्धांजलि।
Ghazipur news: Union Minister of State for Home Nityanand Rai and Minister of State for Defence Sanjay Seth paid tribute to the brave son.

। दुल्लहपुर गाजीपुर, 10 सितम्बर 2026
भारतीय सेना के अदम्य साहस के प्रतीक और 1965 के भारत-पाक युद्ध में पैटन टैंकों की कब्रगाह बनाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद का 61वां बलिदान दिवस गुरुवार को उनके पैतृक गांव धामूपुर (गाजीपुर) में दोपहर 2:00 बजे से 5:00 तक पूरी भव्यता और राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में वीरता, शौर्य एवं देशभक्ति की त्रिवेणी बही, जहां केंद्र सरकार के मंत्रियों से लेकर सेना के अधिकारियों और आम जनमानस ने देश के इस महान सपूत को सर्वाेच्च सम्मान के साथ नमन किया।
शहीद स्मारकों का हुआ शिलान्यास एवं उद्घाटन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और विशिष्ट अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और एसपी डॉ. इरज राजा ने बुके देकर उनका स्वागत किया। भूतपूर्व सैनिकों और कार्यक्रम के आयोजक जमील आलम ने भी केंद्रीय मंत्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किए, जिसके उपरांत सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर शहीद पार्क से लगभग 500 मीटर दूर हमीद मार्ग पर स्थित चौक का नामकरण शहीद वीर अब्दुल हमीद की पत्नी ‘रसूलन बीबी चौक’ के रूप में किया गया। साथ ही, शहीद के पिता उस्मान खलीफा और उनके मित्र स्वर्गीय बच्चा सिंह के नाम पर एक पथ के शिलापट्ट का शिलान्यास हुआ। शहीद पार्क के पास स्थित पोखरे के किनारे देश के 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर ‘जल स्मारक शिलापट्ट’ का भी उद्घाटन किया गया। सेना के ब्रिगेडियर जयदीप चंद्रा और ब्रिगेडियर अमित सहल सहित कई सैन्य अधिकारियों ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सर्वाेच्च बलिदान को श्रद्धांजलि दी।
माइनस डिग्री में भी मुस्तैद हैं हमारे स्वदेशी हथियारों से लैस जवान: नित्यानंद राय
मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शहीद को याद करते हुए कहा कि हम 21वीं सदी के भारत में जी रहे हैं, जहां स्वदेशी हथियारों से लैस हमारे जवानों के खौफ से दुश्मन सीमा पर घुसपैठ करने से कतराते हैं। हमारे जवान माइनस डिग्री तापमान में भी डटकर सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आयोजक जमील आलम द्वारा रखी गई सार्वजनिक मांगों—वीर अब्दुल हमीद के नाम से ट्रेन चलाने, 2018 से बंद पड़ी गाजीपुर की सेना भर्ती (जो 2017 में सीडीएस बिपिन रावत के आगमन पर शुरू हुई थी) को पुनः बहाल करने और गाजीपुर में सैनिक स्कूल खोलने—पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मंच से आश्वासन दिया कि इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा और संबंधित मंत्रालयों को निर्देशित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंडमान-निकोबार के द्वीपों का नाम 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखा गया है और राष्ट्रपति भवन में उनके नाम की दीर्घा बनाई गई है। डबल इंजन की सरकार हमेशा शहीदों के साथ खड़ी है। अपने संबोधन में उन्होंने प्रसिद्ध कवि माखनलाल चतुर्वेदी की कविता का उल्लेख करते हुए वीरों को हमेशा याद रखने और नमन करने का संदेश दिया।
आपदा हो या युद्ध, सेना ने हमेशा खुद को साबित किया: संजय सेठ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि देश के 21 परमवीर चक्र विजेताओं में जीवित परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव हमारे बीच उपस्थित हैं, मैं उनके चरण स्पर्श कर उन्हें सलाम करता हूं। उन्होंने कारगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाते हुए कई गोलियां खाने के बावजूद पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने का कार्य किया। संजय सेठ ने 1962, 1965 और 1971 के युद्धों को याद करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों ने हमेशा दुश्मनों के दांत खट्टे किए हैं। सेना केवल युद्ध में ही नहीं, बल्कि पंजाब जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी अपनी जान पर खेलकर नागरिकों को राहत पहुंचाती है। वीर अब्दुल हमीद एक ऐसे ही योद्धा थे, जिनके पराक्रम से पूरी दुनिया परिचित है।
युवाओं को मिला राष्ट्रहित में सर्वस्व अर्पण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान जीवित परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव ने भी शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे वीर अब्दुल हमीद की वीरता एवं अदम्य साहस से प्रेरणा लें और राष्ट्रहित में समर्पण व अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। समारोह में परमवीर चक्र एवं अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित वीर सैनिकों और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।
स्कूली बच्चों और युवाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। बच्चियों द्वारा गाए गए देशभक्ति गीतों और नृत्यों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह में किसी की भी भागीदारी कम नहीं रही। आयोजन में मुख्य रूप से जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश राय, ट्रस्ट के उपाध्यक्ष तपन डे, प्रोड्यूसर मनीष वशिष्ठ, अब्दुल सेठ, रिजवान, परवेज अहमद, राजेश सोनकर, मनोज यादव, श्रवण सिंह, गणेश पाल, सुब्बा यादव, सूबेदार यादव, उप जिलाधिकारी अतुल कुमार, खंड विकास अधिकारी कौस्तुभमणि पाठक, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश मिश्र, पुलिस उपाधीक्षक रामकृष्ण तिवारी, अनुभव राजश्री और थाना अध्यक्ष दीपक कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा अनेक जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, सेना के वीर जवान, वीरता पुरस्कार से सम्मानित सैनिक, उनके परिजन और भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल व ओजस्वी संचालन समाजसेवी सुभाष जी ने किया।



